पटना , दिसंबर 31 -- बिहार के कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने बुधवार को कहा कि बिहार कृषि एक्सीलेरेशन मिशन तथा बिहार कृषि अवसंरचना मिशन के जरिये न केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी।
कृषि मंत्री श्री यादव ने आज बयान जारी कर कहा कि बिहार सरकार किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने, सुदृढ़ एवं पारदर्शी बाजार व्यवस्था विकसित करने तथा कृषि क्षेत्र में मूल्य संवर्द्धन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर ठोस और दूरगामी पहल कर रही है।उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा बिहार कृषि एक्सीलेरेशन मिशन तथा बिहार कृषि अवसंरचना मिशन की स्थापना को स्वीकृति दी गई है।उन्होंने कहा कि इन दोनों मिशनों का लक्ष्य किसानों के उत्पादों के भंडारण, प्रसंस्करण, बेहतर पैकेजिंग, विपणन, कृषि आधारित स्टार्टअप को प्रोत्साहन तथा आधुनिक कृषि बाजार अवसंरचना का निर्माण करना है। इससे न केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी।
कृषि मंत्री ने कहा कि बिहार को कृषि स्टार्टअप का हब बनाने, जी.आई. टैग प्राप्त उत्पादों के लिए समर्पित बाजार विकसित करने तथा ग्रामीण कृषि हाटों के सुदृढ़ीकरण की दिशा में यह एक ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी कदम है। इन दोनों मिशनों से संबंधित कार्यों का प्रभावी क्रियान्वयन कृषि विपणन निदेशालय के माध्यम से किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी मार्गदर्शन तथा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सशक्त नेतृत्व में बिहार सरकार किसानों के सर्वांगीण एवं आर्थिक सशक्तिकरण के लिए हर स्तर पर सतत और प्रभावी प्रयास कर रही है। सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि किसान केवल उत्पादक ही नहीं, बल्कि समृद्ध और सम्मानित भागीदार बने।
श्री यादव ने बताया कि राज्य के कृषि बाजार प्रांगणों का चरणबद्ध आधुनिकीकरण एवं समग्र विकास किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि गुलाबबाग (पूर्णियां), मुसल्लहपुर (पटना), आरा, हाजीपुर, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, मोतिहारी, गया, बेतिया, दाउदनगर एवं मोहनियां सहित 12 कृषि उत्पादन बाजार प्रांगणों के आधुनिकीकरण के लिये 748.46 करोड़ रुपये, वहीं सासाराम, बेगूसराय, कटिहार, फारबिसगंज, जहानाबाद, दरभंगा, किशनगंज, छपरा एवं बिहटा सहित नौ बाजार प्रांगणों के विकास के लिये 540.61 करोड़ रुपये की परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिन पर कार्य प्रगति पर है।
कृषि मंत्री ने कहा कि इन बाजार प्रांगणों में वेंडिंग प्लेटफॉर्म, दुकानें, वे-ब्रिज, जल निकासी व्यवस्था, प्रशासनिक भवन, श्रमिक विश्राम गृह, अतिथि गृह, मछली बाजार, केला मंडी, सड़क, सोलर पैनल, कर्मचारी कैंटीन एवं अपशिष्ट निपटान (कम्पोस्टिंग) संयंत्र जैसी आधुनिक आधारभूत संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे किसान, व्यापारी, उद्यमी, प्रसंस्करण इकाइयाँ एवं निर्यातक बाजार प्रांगणों की ओर आकर्षित होंगे, प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और किसानों को उनकी उपज का उच्चतम मूल्य प्राप्त होगा।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये पहलें बिहार को आधुनिक कृषि विपणन व्यवस्था के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाएंगी और "समृद्ध किसान-समृद्ध बिहार" के संकल्प को साकार करेंगी।
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