पटना , नवंबर 17 -- बिहार में वर्ष 1952 के बाद अबतक हुये विधानसभा चुनाव में पहली बार ऐसा हुआ है कोई भी निर्दलीय प्रत्याशी नहीं जीता है।
इस बार के चुनाव में जहां कोई निर्दलीय प्रत्याशी जीत दर्ज करने में असफल रहा ,वहीं चार सीटें मोहनियां (सुरक्षित), कुशेश्वरस्थान (सुरक्षित), परिहार और सिकटा में निर्दलीय प्रत्याशियों ने राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों को कड़ी टक्कर दी और दूसरे स्थान पर रहे।
मोहनिया (सुरक्षित) सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उम्मीदवार संगीता कुमारी ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार पूर्व सासंद छेदी पासवान के पुत्र रवि शंकर पासवान को 18752 मतो के अंतर से पराजित किया। वर्ष 2020 में संगीता कुमारी ने राजद के टिकट पर चुनाव जीता था। इस बार के चुनाव में वह पाला बदलकर भाजपा के टिकट पर चुनावी समर में उतरी थी। वहीं राजद ने यहां श्वेता सुमन को चुनावी दंगल में उतारा था, लेकिन उनका नामांकन रद्द हो गया। इसके बाद राजद ने यहां निर्दलीय प्रत्याशी रवि शंकर पासवान को समर्थन दिया था।
कुशेश्वर स्थान(सुरक्षित) विधानसभा सीट से जनता दल यूनाईटेड (जदयू) के उम्मीदवार और पूर्व मंत्री अशोक कुमार के पुत्र अतिरेक कुमार ने निर्दलीयप्रत्याशी गणेश भारती को 36441 मतो के अंतर से पराजित किया। इससे पूर्व निर्दलीय उम्मीदवार गणेश भारती ने विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के चुनाव चिह्न पर नामांकन किया था, लेकिन उनका नामांकन रद्द हो गया था।
परिहार विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रत्याशी और निवर्तमान विधायक गायत्री देवी ने निर्दलीय उम्मीदवार रितु जायसवाल को 17189 मतो के अंतर से मात दी। रितु जायसवाल, राजद में महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष के पद पर थीं। उन्होंने पार्टी से परिहार विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाने की मांग की थी, लेकिन यहां राजद ने उनकी बातो को अनसुना कर पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र पूर्वे की बहू स्मिता गुप्ता को उम्मीदवार बनाया। इस चुनाव में स्मिता गुप्ता तीसरे नंबर पर रही। रितु जायसवाल और स्मिता गुप्ता के अलग-अलग लड़ने से मतो का बिखराव हुआ, जिसका फायदा भाजपा उम्मीदवार गायत्री देवी को हुआ। भाजपा की उम्मीदवार गायत्री देवी को 82644 मत मिले, जबकि रितु जायसवाल को 65455 मत प्राप्त हुये। राजद की प्रत्याशी स्मिता गुप्ता को 48434 मत मिले। यदि रितु जायसवाल और स्मिता गुप्ता को मिले मतो को जोड़ दिया जाये तो यह आकंड़ा 113989 हो जाता है जो भाजपा की प्रत्याशी गायत्री देवी को मिले मतो से 31435 अधिक है।
सिकटा विधानसभा सीट से जदयू उम्मीदवार और पूर्व विधायक दिलीप वर्मा के पुत्र समृद्ध वर्मा ने निर्दलीय उम्मीदवार खुर्शीद फिरोज अहमद को 47144 मतो के अंतर से पराजित किया। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी लेनिनवादी (भाकपा) माले उम्मीदवार और निवर्तमान विधयक वीरेन्द्र प्रसाद गुप्ता तीसरे नंबर पर रहे।
इससे पूर्व वर्ष 2020 के हुये चुनाव में 1299 निर्दलीय प्रत्याशी ने विधायक बनने का सपना संजोये चुनाव लड़ा, लेकिन इनमें से एक ही विधायक बनने में सफल रहे। चकाई विधानसभा क्षेत्र में पूर्व मत्री नरेन्द्र सिंह के पुत्र और निर्दलीय सुमित कुमार सिंह ने राजद की सावित्री देवी को काफी कड़े मुकाबले में 581 मतों के अंतर से पराजित किया था। श्री सिंह बाद में नीतीश सरकार में विज्ञान एवं प्रावैधिकी मंत्री भी बने। इसे महज संयोग कहा जाये तो पिछले विधानसभा चुनाव में चकाई से निर्दलीय जीते सुमित कुमार सिंह इस बार जदयू के टिकट पर लड़कर भी हार गये।
वर्ष 1967 के बिहार विधानसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवारों ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। इस चुनाव में 738 निर्दलीय प्रत्याशी ने अपना भाग्य आजमाया, जिसमें जीत का सेहरा 33 उम्मीदवारों के सिर सजा।
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