पटना , जनवरी 24 -- राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर महिला एवं बाल विकास निगम की ओर से पटना स्थित डॉ एपीजे अब्दुल कलाम साइंस सिटी में आयोजित विशेष कार्यक्रम निगम की प्रबंध निदेशक वंदना प्रेयषी ने शनिवार को कहा कि बिहार की बेटियां एआई, इंजीनियरिंग, अंतरिक्ष विज्ञान और कृषि अनुसंधान जैसे एसटीईएम क्षेत्रों में नई पहचान बना रही हैं और यह साबित कर रही हैं कि प्रतिभा को किसी सीमा में नहीं बांधा जा सकता।

उन्होंने कहा कि निगम का प्रयास है कि हर बालिका को आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें और उन्हें विज्ञान और तकनीक को करियर विकल्प के रूप में अपनाने के लिये प्रेरित किया जाये। कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं में एसटीईएम शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ाना और आत्मनिर्भर भविष्य की दिशा में उन्हें सशक्त बनाना था।

इस अवसर पर रघुनाथ प्रसाद स्कूल, केंद्रीय विद्यालय कंकड़बाग और रवींद्र बालिका 2 विद्यालय की छात्राओं ने अपने अनुभव साझा किये। इसके बाद एसटीईएम आधारित प्रेरक फिल्म 'मिशन मंगल' का प्रदर्शन किया गया, जिससे छात्रायें अंतरिक्ष विज्ञान में भारतीय महिलाओं की उपलब्धियों से परिचित हुईं।

महिला एवं बाल विकास निगम के कार्यपालक निदेशक योगेश कुमार सागर ने कहा कि एसटीईएम शिक्षा बालिकाओं के आत्मनिर्भर भविष्य की आधारशिला है और यह उन्हें अपने सपने स्वयं चुनने की स्वतंत्रता देती है।

कार्यक्रम के अंत में शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिये छात्राओं को टोकन ऑफ अप्रिसिएशन देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उप- सचिव- सह- नोडल पदाधिकारी मृगन सिंह और सामाजिक सुरक्षा निदेशालय की निदेशक गायत्री कुमारी की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।

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