सीवान/बक्सर , अक्टूबर 29 -- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और भाजपा के 'फायरब्रांड' नेता योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को बिहार की जनता से आह्वान किया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की जीत सुनिश्चित कर बिहार में "जंगल राज" की वापसी का रास्ता बंद कर दें।

श्री आदित्यनाथ ने सीवान और बक्सर में राजग उम्मीदवारों के पक्ष में जनसभाओं को संबोधित करते हुए कहा कि जिन लोगों ने 1990 के बाद 15 साल तक "जंगल राज" का दौर चलाया था, वे बड़े लुभावने वादे कर रहे हैं, लेकिन जनता को उनसे सतर्क रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता सुनिश्चित करे कि जंगलराज वाले पुनः वापसी नही करें।

उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग प्रदेश में जंगलराज ले कर आये उनकी मानसिकता अभी भी नहीं बदली है क्योंकि एक खूंखार अपराधी के बेटे को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने सीवान जिले की रघुनाथपुर सीट से टिकट दिया है।

भाजपा नेता ने कहा कि जंगलराज के दौरान सीवान में एक ही परिवार के दो बेटों पर तेज़ाब से हमला किया गया था, जिससे उनकी मौत हो गई थी । उन्होंने आगे कहा कि उन काले दिनों को किसी भी कीमत पर दोबारा नहीं आने देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपराध पर अंकुश लगाने के लिए अपराधियों से सख्ती से निपटा जाना आवश्यक है।

श्री आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अपराधियों को "यमराज" (मृत्यु) का द्वार दिखाया जा रहा है और उनके द्वारा अनुचित तरीकों से अर्जित की गई संपत्ति ज़ब्त की जा रही है। उन्होंने कहा कि ज़ब्त की गई ज़मीनों का इस्तेमाल गरीबों के घरों के निर्माण में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह के कदमों से उत्तर प्रदेश में अपराधियों से निपटने में काफी मदद मिली है।

भाजपा नेता ने कहा कि राजद और समाजवादी पार्टी (सपा) दोनों अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के खिलाफ रहे हैं और राजद ने तो राम मंदिर निर्माण के लिए लोगों में जागरूकता पैदा करने के लिए निकली गई "रथ" यात्रा को बिहार में रोक दिया था । इसी तरह उत्तर प्रदेश में सपा सरकार ने राज्य में राम मंदिर निर्माण के लिए आगे बढ़ रहे राम भक्तों पर गोलियां चलाने का आदेश दिया था।

भाजपा के नेता ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हुआ और नरेंद्र मोदी सरकार के शासनकाल में सीतामढ़ी में भी माता सीता का मंदिर बनेगा। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दृढ़ इच्छाशक्ति ही थी जिसने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की सभी बाधाओं को दूर करने में मदद की।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित