पटना , जनवरी 03 -- बिहार के उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शनिवार को कहा कि भूमि सुधार जनकल्याण संवाद के दौरान आम जनता से प्राप्त आवेदनों के त्वरित और समयबद्ध निष्पादन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बिहारभूमि पोर्टल पर लागू फर्स्ट इन फर्स्ट आउट (पहले आओ-पहले जाओ) व्यवस्था को 31 मार्च, 2026 तक अस्थायी रूप से स्थगित करने का निर्देश दिया गया है।
इसका उद्देश्य राज्य सरकार की प्राथमिकता वाले कार्यों, विशेषकर अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति से जुड़े मामलों तथा भूमि सुधार जन कल्याण संवाद के माध्यम से प्राप्त शिकायतों और आवेदनों का समयबद्ध एवं त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करना है।
इस संबंध में विशेष कार्य पदाधिकारी मणि भूषण किशोर ने राज्य सूचना विज्ञान पदाधिकारी, बिहार स्टेट सेंटर (एनआईसी), पटना को पत्र भेजकर आवश्यक निर्देश दिए हैं। पत्र में कहा गया है कि वर्तमान 'फर्स्ट इन फर्स्ट आउट' व्यवस्था के कारण कई प्राथमिकता श्रेणी के मामलों के निपटारे में विलंब हो रहा है। यह देखते हुए इसे अस्थायी रूप से शिथिल करना आवश्यक हो गया है।
निर्देश के अनुसार, बिहारभूमि पोर्टल पर आवेदनों के निपटारे के लिये निर्धारित पहले आओ-पहले जाओ क्रम को 31 मार्च, 2026 तक स्थगित रखा जाएगा, जिससे प्राथमिकता वाले मामलों का निष्पादन निर्धारित समय-सीमा में किया जा सके। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि 31 मार्च, 2026 के बाद इस व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर फर्स्ट इन फर्स्ट आउट, पहले आओ-पहले जाओ प्रणाली को पुनः प्रभावी करने के संबंध में अलग से दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
इस संबंध में एनआईसी को सॉफ्टवेयर में आवश्यक तकनीकी बदलाव सुनिश्चित कर विभाग को सूचित करने का अनुरोध किया गया है। इस आदेश की प्रतिलिपि सभी प्रमंडलीय आयुक्तों, समाहर्ताओं, अपर समाहर्ताओं, भूमि सुधार उप समाहर्ताओं तथा अंचलाधिकारियों को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।
श्री सिन्हा ने बताया कि सरकार की प्राथमिकता है कि जनसंवाद से जुड़े मामलों का समाधान बिना अनावश्यक विलंब के किया जाए।
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