कोंडागांव , मार्च, 09 -- छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन 'बिहान' के अंतर्गत कार्यरत महिला सीआरपी, कृषि सखी और पशु सखी कार्यकर्ताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को कोंडागांव में प्रदर्शन किया और शासन के नाम उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को ज्ञापन सौंपा।
कार्यकर्ताओं ने बताया कि लंबे समय से वे ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं लेकिन इसके बावजूद उन्हें पर्याप्त मानदेय और सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
कार्यक्रम के तहत बड़ी संख्या में महिलाएं नगर के डीएनके मैदान में एकत्रित हुईं, जहां उन्होंने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। इसके बाद रैली निकालते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंचकर प्रशासन के माध्यम से शासन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में महिलाओं ने अपने कार्य के अनुरूप मानदेय और सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि वर्तमान में उन्हें मात्र 1910 रुपये मासिक मानदेय दिया जा रहा है, जो उनके कार्य और जिम्मेदारियों की तुलना में बेहद कम है। उन्होंने मांग की कि मानदेय को बढ़ाकर 10 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाए और इसे छत्तीसगढ़ शासन के न्यूनतम वेतन अधिनियम के दायरे में शामिल किया जाए।
ज्ञापन में यह भी मांग रखी गई कि लंबे समय से कार्यरत महिला कार्यकर्ताओं का नियमितीकरण कर उन्हें नियुक्ति पत्र प्रदान किया जाए। इसके साथ ही ऑनलाइन कार्यों के लिए मोबाइल, इंटरनेट खर्च और यात्रा भत्ता उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई। महिलाओं ने कहा कि विभागीय कार्यों के अतिरिक्त स्वच्छता अभियान, आयुष्मान कार्ड जैसे अन्य कार्यों का अतिरिक्त भार भी उन्हें दिया जाता है, जिसे कम किया जाना चाहिए।
महिला कार्यकर्ताओं ने उम्मीद जताई कि उनकी मांगों पर शासन स्तर पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। साथ ही चेतावनी दी कि यदि मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो आगे आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
धरना-प्रदर्शन और रैली में बिहान सक्रिय महिला संघ की जिला अध्यक्ष मधुबाला बोरकर, उपाध्यक्ष भावना परासर, सचिव हेमंतिन नाग, पशु कृषि संघ के जिला अध्यक्ष बासन नेताम, जिला सचिव भाग्यलक्ष्मी तथा कोंडागांव ब्लॉक सचिव जानकी ठाकुर सहित बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।
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