बिलासपुर , नवंबर 06 -- छत्तीसगढ़ के बिलासपुर रेल मंडल में बीते दिनों हुए रेल हादसे के बाद एक बार फिर गुरुवार को एक बड़ा हादसा टल गया। कोटमी-सोनार स्टेशन के पास एक ही ट्रैक पर एक साथ तीन ट्रेनें देखी गईं - जिनमें दो मालगाड़ियां और एक सवारी गाड़ी (मेमू लोकल) शामिल थीं।

इस दृश्य का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो गया। स्थानीय यात्रियों के मुताबिक यह स्थिति कुछ मिनटों तक बनी रही, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ा हादसा होने की आशंका जताई जाने लगी। पर समय रहते ट्रेनों को रोक दिया गया, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

हाल ही में हुए बिलासपुर रेल हादसे के बाद एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं। लोगों ने रेलवे की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि हादसे के बाद भी रेलवे ने सुरक्षा उपायों को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।

इस घटना पर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुष्कर विपुल विलासराव ने स्पष्ट किया,"यह ऑटोमैटिक सिग्नलिंग प्रणाली की सामान्य परिचालन प्रक्रिया है। इस प्रणाली में प्रत्येक किलोमीटर की दूरी पर सिग्नल लगाए जाते हैं, जिसमें हर सिग्नल के बाद दूसरी ट्रेन चल सकती है। मालगाड़ी और यात्री गाड़ियों के लिए अलग-अलग ट्रैक नहीं होते, दोनों एक ही ट्रैक पर एक-दूसरे के पीछे चलाई जाती हैं। रेलवे की ऑटोमैटिक सिग्नलिंग प्रणाली पूरी तरह सुरक्षित कार्यप्रणाली है और यह प्रणाली इस रेलखंड में वर्ष 2023 से लागू है। अतः ऐसे भ्रामक समाचारों पर ध्यान न दें और अफवाहों से बचें।"फिलहाल रेलवे ने इस वायरल वीडियो की जांच शुरू कर दी है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया या नहीं। वहीं, यात्रियों ने मांग की है कि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए रेलवे को सतर्कता और निगरानी और बढ़ानी चाहिए।

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