रांची , जनवरी 19 -- झारखंड के प्रतिष्ठित बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान, मेसरा, रांची ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, खड़गपुर के साथ अकादमिक सहयोग में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन सतह अभियांत्रिकी एवं योगात्मक विनिर्माण के अग्रिम आयाम (एफएसईएएम 2026) की घोषणा की है।
यह सम्मेलन 21 से 23 जनवरी तक कालिदास सभागार, आईआईटी खड़गपुर, पश्चिम बंगाल में आयोजित किया जाएगा। यह सम्मेलन शिक्षा, उद्योग और अनुसंधान क्षेत्र के विशेषज्ञों को एक साझा मंच पर लाकर, अभियांत्रिक सतहों तथा योगात्मक नवाचार के माध्यम से स्थिरता पर केंद्रित विचारों और अनुभवों के आदान-प्रदान का अवसर प्रदान करेगा।
इस सम्मेलन का संयुक्त आयोजन भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, खड़गपुर के धातुकर्म एवं पदार्थ अभियांत्रिकी विभाग तथा संस्थान द्वारा किया जा रहा है। इसमें सतह अभियांत्रिकी, योगात्मक विनिर्माण, संकर प्रसंस्करण और उन्नत पदार्थों के क्षेत्रों से जुड़े वैश्विक विशेषज्ञ भाग लेंगे।
उद्योग-तैयार छात्रों के निर्माण में सम्मेलन की भूमिका को रेखांकित करते हुए, संस्थान के कुलपति प्रो. (डॉ.) इंद्रनील मन्ना ने कहा, "जब छात्र घिसाव, टिकाऊपन, प्रक्रिया नियंत्रण, स्थिरता जैसे मूलभूत विषयों पर कार्य कर रहे विशेषज्ञों से सीधे संवाद करते हैं, तब उन्हें यह स्पष्ट रूप से समझ में आता है कि सिद्धांत किस प्रकार वास्तविक अभियांत्रिकी निर्णयों में परिवर्तित होता है।"यह सम्मेलन भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, खड़गपुर के निदेशक प्रो. सुमन चक्रवर्ती के संरक्षण में आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन में कई प्रतिष्ठित अतिथि एवं वक्ता भाग लेंगे, जिनमें पश्चिम बंगाल विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी अकादमी के अध्यक्ष डॉ. शिवाजी चक्रवर्ती, उत्तर टेक्सास विश्वविद्यालय के रीजेंट्स प्रोफेसर डॉ. नरेंद्र बी. दहोट्रे, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के पूर्व अध्यक्ष डॉ. एस. सोमनाथ, भारतीय राष्ट्रीय अभियांत्रिकी अकादमी के अध्यक्ष श्री जे. डी. पाटिल तथा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, हैदराबाद के निदेशक प्रो. बी. एस. मूर्ति शामिल हैं।
एफएसईएएम 2026 का उद्देश्य वैज्ञानिक प्रगति को प्रस्तुत करने, तकनीकी चर्चाओं को प्रोत्साहित करने तथा अकादमिक अनुसंधान और वास्तविक औद्योगिक अनुप्रयोगों के बीच सहयोग को सुदृढ़ करना है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित