बेमेतरा , फरवरी 17 -- छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित बिरनपुर हिंसा प्रकरण में बड़ा न्यायिक निर्णय सामने आया है। बेमेतरा जिला न्यायालय ने मामले में विचारण के बाद 17 आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया है। अपर सत्र न्यायाधीश साक्षी दीक्षित की अदालत ने 64 अभियोजन साक्षियों के बयान और प्रस्तुत साक्ष्यों के परीक्षण के उपरांत संदेह का लाभ देते हुए सभी 17 आरोपियों को बरी करने का आदेश दिया।
यह मामला थाना साजा में दर्ज अपराध क्रमांक के तहत धारा 302, 147, 148, 149, 153 (3), 201, 109 और 34 भादवि सहित अन्य धाराओं में दर्ज किया गया था। प्रारंभिक स्तर पर कुल 173 लोगों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज हुआ था, जिनमें से विचारण के दौरान 17 आरोपियों पर सुनवाई की गई।
दोषमुक्त किए गए आरोपीन्यायालय द्वारा जिन 17 आरोपियों को बरी किया गया है, उनमें चेचानमेटा बिरनपुर थाना निवासी डकेश्वर सिन्हा उर्फ हरिओम (28), ग्राम खैरी थाना साजा निवासी मनीष वर्मा (23), कोरवाय निवासी समारू नेताम (43), पदमी निवासी पूरन पटेल (19), राजकुमार निषाद (19) व भोला निषाद (23), पेंण्डरवानी निवासी दूधनाथ साहू (27) व अरुण रजक (18), कोरवाय निवासी चंदन साहू (20) व होमेन्द्र नेताम (25), कोगियाखुर्द निवासी टाकेन्द्र साहू (22), राम निषाद (19), मासुलगोदी निवासी संजय कुमार साहू (25), चिंताराम साहू (68), लोकेश साहू (23), वरूण साहू (18 वर्ष 3 माह) तथा राजेश साहू (23) शामिल हैं।
बिरनपुर हिंसा मामला : बिरनपुर गांव में 8 अप्रैल 2023 को दो बच्चों के बीच हुए मामूली विवाद ने देखते ही देखते साम्प्रदायिक रूप ले लिया था। घटना के दौरान साजा विधायक ईश्वर साहू के 22 वर्षीय पुत्र भुनेश्वर साहू की लाठी-डंडों से पिटाई कर हत्या कर दी गई थी।
घटना के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया था। 10 अप्रैल को विश्व हिंदू परिषद द्वारा छत्तीसगढ़ बंद का आह्वान किया गया, जिसके बाद गांव में आगजनी और हिंसा की घटनाएं सामने आईं। इस दौरान मुस्लिम समुदाय के रहीम (55) और उनके पुत्र ईदुल मोहम्मद (35) की भी हत्या कर दी गई थी। स्थिति नियंत्रण में लाने के लिए प्रशासन ने धारा 144 लागू की थी, जो लगभग दो सप्ताह तक प्रभावी रही।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपी गई थी। जांच के दौरान सीबीआई ने पुलिस द्वारा नामजद 12 आरोपियों के अतिरिक्त 6 नए आरोपियों को भी शामिल किया। चार्जशीट में उल्लेख किया गया कि भीड़ ने न केवल भुनेश्वर साहू पर हमला किया, बल्कि उसे बचाने पहुंचे पुलिस बल पर भी पत्थरबाजी की। सब-इंस्पेक्टर बिनुराम ठाकुर सहित अन्य पुलिसकर्मी इस दौरान घायल हुए थे।
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