बेमेतरा , फरवरी 11 -- छत्तीसगढ़ में बेमेतरा जिले के ग्राम पंचायत खुरसाबोड़ (आर) से पंचायत प्रशासन पर गंभीर आरोपों का मामला सामने आया है। ग्राम के एक ग्रामीण ने सरपंच एवं उसके पति पर बिना नोटिस शासकीय भूमि से जबरन बेदखल करने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाते हुए बुधवार को कलेक्टर जनदर्शन में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
शिकायतकर्ता देवसिंह यादव, निवासी ग्राम खुरसाबोड़ (आर), थानखरिया तहसील ने अपने आवेदन में उल्लेख किया है कि वे शासकीय भूमि खसरा नंबर 303/1 पर लंबे समय से पशुपालन कार्य के लिए परा-भूसा रखकर कोठार बनाकर जीविकोपार्जन कर रहे थे।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि 05 फरवरी को ग्राम पंचायत खुरसाबोड़ (आर) की सरपंच एवं उनके पति द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना, बिना विधिवत नोटिस और बिना वैधानिक प्रक्रिया का पालन किए उन्हें उक्त भूमि से जबरन बेदखल कर दिया गया। इस कार्रवाई के दौरान उनके सामान और संरचना को क्षति पहुंचाई गई, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना भी झेलनी पड़ी।
पीड़ित ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि पूरी कार्रवाई मनमाने और तानाशाही तरीके से की गई, जो कानून सम्मत नहीं है। उन्होंने कलेक्टर से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने तथा न्याय दिलाने की मांग की है।
यह मामला अब कलेक्टर जनदर्शन तक पहुंच चुका है। ऐसे में जिला प्रशासन की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
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