गांधीनगर , दिसंबर 05 -- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि बिना टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से सहकारी क्षेत्र आगे नहीं बढ़ सकता, लेकिन छोटी सहकारी समितियों के लिए सॉफ्टवेयर विकसित करना और डेटा स्टोरेज के लिए खर्च करना संभव नहीं है।
श्री शाह ने दो दिवसीय अर्थ समिट एक्सपो के शुभारंभ अवसर पर गुजरात के गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर में कहा कि इस चुनौती के समाधान के रूप में राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक की ओर से 'सहकार सारथी' पहल के तहत 13 से अधिक विभिन्न डिजिटल सेवाएं पोर्टल के रूप में लॉन्च की गयी हैं, जिनमें सहकार सारथी, सहकार सेतु और संग्रह सारथी आदि शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि यह पहल ग्रामीण, जिला और शहरी कोऑपरेटिव बैंकों को एक छत के नीचे लाकर, उन्हें निजी बैंकों के समकक्ष आधुनिक टेक्नोलॉजी प्रदान करेगा। यह टेक्नोलॉजी वसूली, लीगल डॉक्यूमेंटेशन और केवाईसी जैसी प्रक्रियाओं में मददगार सिद्ध होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 'सहकार सारथी' एप, जिसे को-ऑपरेटिव बैंकिंग एक्ट के अंतर्गत तैयार किया गया है, वह भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के सभी नियमों और मानकों को पूर्ण करने में निर्णायक साबित होगा और आने वाले समय में ई-केवाईसी तथा किसान क्रेडिट कार्ड धारकों को मंहगे क्रेडिट कार्ड जैसी सुविधाएं प्रदान करेगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गुजरात में बनासकांठा और पंचमहाल में 'सहकारी समितियों के बीच सहयोग' का एक सफल प्रयोग किया गया है, जिसके अंतर्गत हरेक सहकारी संस्था अपना बैंक खाता और बचत सहकारी बैंक में ही रखती है। इस प्रयोग के आश्चर्यजनक परिणाम मिले हैं और सहकारी बैंकों में हजारों करोड़ रुपये की लो-कॉस्ट डिपॉजिट बढ़ गयी है। इस मॉडल के सफल प्रयोग में नजर आये नीति विषयक मामलों में सुधार के बाद इस देश भर में लागू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि वैश्विक स्वास्थ्य के लिए अत्यावश्यक प्राकृतिक कृषि का दायरा देश में लगातार बढ़ रहा है। आज देश में 49 लाख किसानों ने प्राकृतिक कृषि को अपनाया है। उनके उत्पादों की विश्वसनीयता के लिए केन्द्र सरकार, भारत ऑर्गेनिक्स और अमूल ऑर्गेनिक्स के साथ मिलकर लेबोरेटरकी की एक पूरी चेन बना रही है। इससे हर किसान अपने उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय स्तर की ऑर्गेनिक टेस्टिंग कराकर भारत सहित उन्हें दुनिया के बाजार में निर्यात कर सकेगा। हाल ही में अमूल ऑर्गेनिक ने 40 खाद्य वस्तुओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराया है। ऑर्गेनिक खाद्य पदार्थों के वैश्विक बाजार में भारत की हिस्सेदारी 2030 तक 20 फीसदी से अधिक और वर्ष 2035 तक 40 फीसदी से अधिक होगी।
केंद्रीय मंत्री ने सहकारिता क्षेत्र के विकास की दिशा में सहकारी टैक्सी का उल्लेख करते हुए कहा कि अगले दो वर्षों में सहकारी टैक्सी देश की सबसे बड़ी टैक्सी कंपनी बन जाएगी। दिल्ली में हाल ही में शुरू किये गये ट्रायल में ही अब तक 51,000 ड्राइवरों ने पंजीकरण कराया है। इसी प्रकार, आगामी समय में सहकारिता क्षेत्र सहकारी बीमा भी लाने जा रहा है, जो हर गांव में तीन युवाओं को रोजगार देगा।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित