लखनऊ , अक्टूबर 21 -- उत्तर प्रदेश सरकार ने बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग में बिना अनुमति के किए गए तबादलों पर सख्त रुख अपनाया है।
अपर मुख्य सचिव (बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा) पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सोमवार को जारी आदेश में कहा है कि शासन की स्वीकृति के बिना किसी भी अधिकारी, शिक्षक या कर्मचारी को उनके मूल कार्यस्थल से हटाना पूर्णतः अमान्य है। ऐसे शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों की सम्बद्धता समाप्त कर तत्काल मूल तैनाती स्थल पर भेजा जाए।
शासन को जानकारी मिली थी कि कुछ जिलों में अधिकारियों द्वारा मनमाने तरीके से शिक्षकों और कर्मचारियों को अन्य स्थानों पर संलग्न किया जा रहा है। इसे गंभीरता से लेते हुए अपर मुख्य सचिव ने ऐसे सभी आदेशों को तुरंत निरस्त करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी बिना शासन की अनुमति के इस प्रकार के तबादले किए गए तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
आदेश में माध्यमिक शिक्षा निदेशक और बेसिक शिक्षा निदेशक से कहा गया है कि 10 दिनों के भीतर इस आदेश के अनुपालन की रिपोर्ट शासन को भेजी जाए। यदि कहीं भी बिना अनुमति के संलग्न या तबादला आदेश जारी हुआ है, तो उसे तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाये।
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