कोलकाता , दिसंबर 14 -- लियोनेल मेसी के 'गोट इंडिया टूर' के मुख्य आयोजक सताद्रु दत्ता को सॉल्ट लेक स्टेडियम में हुई हिंसा के बाद कुप्रबंधन के आरोप में गिरफ्तार कर रविवार को बिधाननगर अदालत में पेश किया गया।
दत्ता को शनिवार को सॉल्ट लेक स्टेडियम में हुई हिंसा के घंटों बाद कोलकाता हवाई अड्डे पर हैदराबाद जाने वाले एक विशेष विमान से उतारकर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। उत्तरी बिधाननगर पुलिस स्टेशन ने स्वतः संज्ञान लेते हुए दंगा, हिंसा एवं आम लोगों की सुरक्षा को खतरे में डालने के लिए भारतीय न्याय संहिता की धारा 192, 324 (4) (5), 326, (5) 132, 121 (2), 45, 46 के तहत दो प्राथमिकियां दर्ज कीं।
पुलिस ने स्टेडियम में तोड़फोड़, आगजनी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है। डीजीपी राजीव कुमार के निर्देश पर बिधाननगर पुलिस ने सताद्रु दत्ता को तब गिरफ्तार किया जब वह मेसी के साथ हैदराबाद में अगले कार्यक्रम के लिये रवाना होने वाला था।
इस बीच, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने रविवार को स्टेडियम का दौरा किया और स्टेडियम में हुए नुकसान का जायजा लिया, जहां गैलरी और मैदान पर टूटी हुई प्लास्टिक की कुर्सियां बिखरी पड़ी थीं। सूत्रों ने बताया कि श्री बोस शनिवार शाम को स्टेडियम का दौरा करने की कोशिश में नाकाम रहने के बाद रविवार को पहुंचे।
करीब 12,000 रुपए तक के टिकट खरीदकर अपने पसंदीदा फुटबॉलर की एक झलक पाने के लिये स्टेडियम पहुंचे हजारों फुटबॉल प्रशंसक तब भड़क उठे जब वे राजनेताओं और वीआईपी लोगों से घिरे मेसी का चेहरा तक ठीक से नहीं देख सके। प्रशंसकों ने आरोप लगाया कि मेसी बहुत कम समय के लिये स्टेडियम में रुके और यह सारा समय उनके आसपास मौजूद लोगों को ऑटोग्राफ और सेल्फी देने में गुज़र गया। राज्य सरकार द्वारा घटना की जांच के लिए गठित न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) असीम कुमार राय की अध्यक्षता वाली एक जांच टीम ने भी रविवार को स्टेडियम का दौरा किया।
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