श्रीगंगानगर , अप्रैल 27 -- राजस्थान में राज्य सरकार द्वारा जोधपुर विद्युत वितरण निगम डिस्कॉम के अधीन मुनाफा कमा रहे श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों को निजी कंपनियों के हवाले करने की प्रक्रिया शुरू करने के विरोध में इन दोनों जिलों के बिजली कर्मियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार को श्रीगंगानगर जिला मुख्यालय सहित जिले के सभी प्रमुख शहरों में बिजली कर्मियों द्वारा प्रदर्शन किए गए। बिजली कर्मी हड़ताल पर रहे। वहीं हनुमानगढ़ जिला मुख्यालय पर भी जबरदस्त प्रदर्शन किया गया। बिजली क्षेत्र के निजीकरण के विरोध में जोधपुर डिस्कॉम के हनुमानगढ़-श्रीगंगानगर वृत्त के कर्मचारियों ने सोमवार को 'काला दिवस' मनाया।

हनुमानगढ़ जंक्शन में विद्युत संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर कर्मचारियों ने अबोहर रोड स्थित अधीक्षण अभियंता कार्यालय से कलेक्ट्रेट तक रोष मार्च निकाला। इस दौरान उन्होंने न केवल अपनी नौकरियों को लेकर चिंता जताई बल्कि किसानों और आम उपभोक्ताओं को भी महंगाई के बढ़ते बोझ से बचाने का आग्रह किया।

इस अवसर पर आयोजित सभा और मार्च में वक्ताओं ने कहा कि जोधपुर डिस्कॉम के श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ का पूरा वितरण क्षेत्र निजी हाथों में सौंपने की तैयारी चल रही है। निजी कंपनियों को बिजली वितरण सौंप दिए जाने से बिजली दरें आसमान छू लेंगी। इससे किसानों की सिंचाई लागत बढ़ेगी, छोटे-मध्यम उद्योग बंदी की कगार पर पहुंच जाएंगे और आम घरेलू उपभोक्ताओं पर बिजली बिल का भारी बोझ पड़ जाएगा।

कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि विद्युत मंडल के पुनर्गठन के कई वर्ष बीत जाने के बावजूद सुधार नहीं हुए हैं। अब सरकारी संपत्ति को निजी कंपनियों के हवाले करने की कोशिश की जा रही है जो जनहित के खिलाफ है।

संघर्ष समिति ने ऊर्जा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि बिजली वितरण को पूरी तरह सरकारी नियंत्रण में रखा जाए। मौजूदा व्यवस्था में गुणवत्ता सुधार किया जाए और किसानों एवं आम लोगों को सस्ती व विश्वसनीय बिजली उपलब्ध कराई जाए।

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