दंतेवाड़ा , जनवरी 05 -- दंतेवाड़ा जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी अभियान किसानों के हित में प्रभावी साबित हो रहा है। शासन की मंशा के अनुरूप जिला प्रशासन द्वारा अपनाई गई सुदृढ़, पारदर्शी और तकनीक आधारित व्यवस्था के चलते इस वर्ष बिचौलियों पर कड़ी नकेल कसी गई है। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और जिले में अब तक 71 हजार क्विंटल धान की शुद्ध एवं पारदर्शी खरीदी की जा चुकी है, जिससे वास्तविक किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है।

धान खरीदी प्रक्रिया के दौरान अवैध धान की आवक और अमानक गुणवत्ता पर विशेष नियंत्रण रखा गया है। उपार्जन केंद्रों पर तैनात नोडल अधिकारियों और उड़नदस्ता दलों द्वारा निरंतर निगरानी की जा रही है। निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्ता वाला धान ही स्वीकार किया जा रहा है, जिससे मिलावट और खराब गुणवत्ता की आशंका लगभग समाप्त हो गई है। सीमावर्ती क्षेत्रों में भी अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है, ताकि बाहरी या अवैध धान की खपत रोकी जा सके और पंजीकृत किसानों के हित सुरक्षित रहें।

शासन द्वारा 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की प्रतिबद्धता ने किसानों का भरोसा मजबूत किया है। इस राशि में समर्थन मूल्य के साथ किसान सहायता राशि शामिल है। वहीं 21 क्विंटल प्रति एकड़ की अधिकतम सीमा और वास्तविक उपज के आधार पर खरीदी से छोटे एवं सीमांत किसानों को भी समुचित आर्थिक संबल मिल रहा है।

बिचौलियों को पूरी तरह व्यवस्था से बाहर रखने के लिए डिजिटल एंट्री, बायोमेट्रिक सत्यापन और रिकॉर्ड आधारित निगरानी को अनिवार्य किया गया है। केवल पंजीकृत किसानों से ही धान खरीदा जा रहा है। संदिग्ध लेन-देन और पुराने रिकॉर्ड के आधार पर बिचौलियों की पहचान कर उन पर लगातार नजर रखी जा रही है। साथ ही धान का उठाव भी समानांतर रूप से किया जा रहा है, जिससे उपार्जन केंद्रों पर भीड़ की स्थिति नहीं बन रही है।

कुल मिलाकर दंतेवाड़ा जिले में धान खरीदी की प्रक्रिया जीरो टॉलरेंस नीति के तहत संचालित की जा रही है, जिससे किसानों को उनकी मेहनत का पूरा लाभ मिल रहा है और व्यवस्था पर उनका विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है।

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