नयी दिल्ली , जनवरी 16 -- विश्व पुस्तक मेला में हॉल नंबर छह में बच्चों के लिये बाल साहित्य का अनूठा संसार है। यहां हर आयु वर्ग के बच्चों के लिये उनके रूचि और जिज्ञासा के लिये चरित्र निर्माण के लिये बहुत कुछ है।

इस हॉल में बड़ी संख्या में पाठक, शिक्षक, अभिभावक और बच्चे पहुंच रहे हैं। वहीं इस हॉल में चिल्ड्रन्स बुक ट्रस्ट (सीबीटी) का स्टॉल बच्चों और अभिभावकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। ज्ञात रहे कि सीबीटी का पिछले पांच दशकों बाल साहित्य में जादू कायम है। यह तकनीक के बढ़ते प्रभाव के साथ बच्चों के लिये समृद्ध बाल साहित्य को रोचक बनाने के लिये सफलतापूर्वक काम कर रही है।

इस अवसर पर सीबीटी की संपादक नविन मेनन ने कहा कि उनकी संस्था लगभग पांच दशकों से नेशनल बुक फेयर का हिस्सा रही है और हर वर्ष बढ़ती भीड़ यह साबित करती है कि बच्चों में किताबों के प्रति रुचि कम नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि बच्चों को आकर्षित करने के लिए कई गतिविधियाँ होती हैं, लेकिन जब बच्चे उत्साह के साथ एक स्टॉल से दूसरे स्टॉल तक घूमते हैं, तो यह स्पष्ट हो जाता है कि असली आकर्षण किताबों का जादू ही है।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष के बुक फेयर में सीबीटी बच्चों की पुस्तकों का एक व्यापक और सोच-समझकर तैयार किया गया संग्रह प्रस्तुत कर रहा है। इन पुस्तकों की विशेषता सरल भाषा, यथार्थपरक विषय, रचनात्मक चित्रांकन और किफायती मूल्य हैं। नई पुस्तकों में आज के समय से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है, जैसे बच्चों द्वारा ऑनलाइन चैटिंग के खतरे, बिना सलाह के वजन घटाने की दवाओं का उपयोग, पर्यावरण पर मानव हस्तक्षेप का प्रभाव तथा सामाजिक और भावनात्मक विकास से जुड़ी कहानियां शामिल हैं।

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