भोपाल , नवंबर 19 -- मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित 52वीं राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी में शामिल हुए विभिन्न राज्यों के प्रतिभागियों ने आयोजक स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा की गई अव्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जताई है। प्रतिभागियों का कहना है कि आवास से लेकर भोजन और चाय-नास्ते तक, कई मूलभूत सुविधाओं में लापरवाही बरती गई, जिससे उन्हें काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
प्रतिभागियों ने यूनिवार्ता को नाम न छापने और पहचान गोपनीय रखने की शर्त पर बताया कि प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा एमपी नगर स्थित होटलों में जो आवास व्यवस्था की गई है, वहां गंभीर गंदगी है। कमरों में कॉकरोज और मच्छरों की भरमार है, टॉयलेट गंदे हैं और रहने की स्थिति बेहद खराब है। कई प्रतिभागियों ने बताया कि ऐसी जगह पर ठंड के मौसम में ठहरना बेहद कठिन हो गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रदर्शनी स्थल पर चाय-नास्ते और भोजन की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं है। कई प्रतिभागियों को समय पर भोजन नहीं मिला और कुछ को तो भूखे तक रहना पड़ा। उन्होंने कहा कि इससे पहले जिन स्थानों पर राष्ट्रीय प्रदर्शनी आयोजित की गई थी, वहां की व्यवस्थाओं की तुलना में इस बार की स्थिति काफी खराब है।
इस बीच स्कूल शिक्षा विभाग के सहायक संचालक जितेंद्र सोमकुंवर ने स्वीकार किया कि आयोजन के पहले दिन प्रतिभागियों को असुविधा हुई है। उन्होंने बताया कि व्यवस्थाओं को ठीक करने के लिए विभाग प्रयास कर रहा है। अव्यवस्थाओं की जानकारी मिलने पर संयुक्त संचालक डीएस कुशवाह ने बैठक लेकर आवश्यक सुधार के निर्देश दिए हैं।
प्रतिभागियों का कहना है कि आयोजक स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से बचते नजर आते हैं, जबकि राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद के क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान के अधिकारी पूरी जिम्मेदारी स्कूल शिक्षा विभाग पर डाल रहे हैं। दोनों संस्थानों के बीच समन्वय की कमी का सीधा असर प्रतिभागियों को झेलना पड़ रहा है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को इस राष्ट्रीय प्रदर्शनी का उद्घाटन किया था। प्रतिभागियों का कहना है कि जिस आयोजन को प्रदेश की प्रतिष्ठा से जोड़कर देखा जा रहा है, उसमें स्कूल शिक्षा विभाग की लापरवाही सरकार की छवि धूमिल कर रही है।
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