चंडीगढ़ , जनवरी 08 -- पंजाब की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने गुरुवार को बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान बच्चों की सुरक्षा और हितों को सुरक्षित रखने के लिए समय पर हस्तक्षेप सुनिश्चित करते हुए राज्य सरकार की कार्रवाई से बाल विवाह के 64 मामलोंको सफलतापूर्वक रोका गया है।
डॉ. बलजीत कौर ने कहा, " ये हस्तक्षेप मान सरकार के बच्चों के अधिकारों और उनके भविष्य पर मंडराते खतरों से निपटने के लिए त्वरित और निर्णायक कार्रवाई के दृढ़ संकल्प को दर्शाते हैं। इस सामाजिक अभियान में आम लोगों की सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए मंत्री ने कहा, " बाल विवाह की किसी भी घटना की जानकारी बिना किसी झिझक के नजदीकी बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी से संपर्क करके या चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर कॉल करके दी जा सकती है, ताकि समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित कर बच्चों की सुरक्षा की जा सके।"डॉ. कौर ने बताया कि पंजाब में बाल विवाह रोकथाम के लिए नियुक्त सभी अधिकारियों का विवरण केंद्र सरकार के राष्ट्रीय बाल विवाह उन्मूलन पोर्टल पर अपलोड किया गया है, जिससे पारदर्शिता और जनता की आसान पहुंच सुनिश्चित होती है। उन्होंने कहा, " इससे लोग संबंधित अधिकारियों तक शीघ्र और प्रभावी ढंग से पहुंच बना सकते हैं। "उन्होंने कहा कि बच्चों के समग्र विकास को सुनिश्चित करने और बाल विवाह को पूरी तरह समाप्त करने के उद्देश्य से पूरे पंजाब में जिला एवं ब्लॉक स्तर पर 2,076 बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारियों की नियुक्ति की गयी है। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा विभाग के अधीन सभी जिलों के बाल विकास परियोजना अधिकारियों तथा सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों के प्रिंसिपलों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी के रूप में नामित किया गया है।
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