बैतूल , जनवरी 14 -- बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई के उन्मूलन और भारत को बाल विवाह मुक्त बनाने के उद्देश्य से महिला एवं बाल विकास विभाग बैतूल द्वारा जिलेभर में 100 दिवसीय जन-जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। यह अभियान 27 नवंबर 2025 से प्रारंभ होकर 8 मार्च तक चलेगा, जिसके अंतर्गत बच्चों, किशोरों और समाज के विभिन्न वर्गों को जागरूक किया जा रहा है।

अभियान के तहत जिले के शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में विशेष जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। वन स्टॉप सेंटर की काउंसलर श्रीमती शिखा भौंरासे ने बताया कि शिविरों में विद्यार्थियों को बाल विवाह, बाल श्रम और पॉक्सो अधिनियम से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही बाल विवाह से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्परिणामों पर भी विस्तार से चर्चा की जा रही है, ताकि बच्चे इसके गंभीर परिणामों को समझ सकें।

शिविरों के दौरान विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि बाल विवाह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह बच्चों के भविष्य के साथ अन्याय भी है। बच्चों से अपील की गई कि वे स्वयं बाल विवाह न करें और यदि अपने आसपास कहीं भी बाल विवाह होते हुए देखें या इसकी आशंका हो, तो तत्काल संबंधित विभाग या प्रशासन को इसकी सूचना दें।

कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को बाल विवाह न करने और इसे रोकने के लिए सदैव जागरूक रहने की शपथ दिलाई गई। महिला एवं बाल विकास विभाग का मानना है कि बच्चों में जागरूकता लाकर ही बाल विवाह जैसी कुप्रथा को जड़ से समाप्त किया जा सकता है।

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