बालोद , जनवरी 19 -- छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में कुर्मी क्षत्रिय समाज के वार्षिक सम्मेलन के दौरान उस वक्त अप्रत्याशित राजनीतिक माहौल बन गया, जब मंच से भाषण दे रहे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और भाजपा जिलाध्यक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर अब तेजी से वायरल हो रहा है।

कार्यक्रम के दौरान भूपेश बघेल किसानों और धान खरीदी व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठा रहे थे। इसी बीच मंच पर मौजूद भाजपा जिलाध्यक्ष चेमन देशमुख ने हस्तक्षेप करते हुए इसे सामाजिक कार्यक्रम बताते हुए राजनीतिक चर्चा से परहेज करने की बात कही। इस टोके जाने पर पूर्व मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई और मंच से ही अपनी प्रतिक्रिया रखी।

श्री बघेल ने कहा कि किसान और धान जैसे मुद्दे राजनीति नहीं, बल्कि जनहित से जुड़े विषय हैं। उन्होंने मंच से कहा कि अगर किसी अतिथि को सम्मान नहीं दिया जा सकता, तो उसे कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों को उनकी बातों से "मिर्ची लग रही है"।

18 जनवरी को बालोद के सरदार वल्लभभाई पटेल मैदान में कुर्मी क्षत्रिय समाज का वार्षिक सम्मेलन आयोजित किया गया था। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बतौर अतिथि शामिल हुए थे। भाषण के दौरान उन्होंने धान खरीदी व्यवस्था, सरकारी निगरानी और किसानों की परेशानियों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए।

इसी दौरान भाषण रोके जाने पर विवाद गहरा गया और मंच पर असहज स्थिति बन गई। बाद में यह मामला सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकारी व्यवस्था इतनी कमजोर हो चुकी है कि धान से भरे ट्रक गायब हो रहे हैं और बाद में जंगलों में लावारिस हालत में मिलते हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति या तो सिस्टम की नाकामी दर्शाती है या फिर अंदरखाने किसी बड़ी गड़बड़ी की ओर इशारा करती है।

श्री बघेल ने सरकार के उस बयान पर भी सवाल उठाए, जिसमें धान के चूहों द्वारा खाए जाने की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि अगर सरकारी गोदामों में रखा धान सुरक्षित नहीं है, तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

धान खरीदी को लेकर उन्होंने आशंका जताई कि इस बार तय समय-सीमा में पूरी प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाएगी और लगभग 30 प्रतिशत किसान समय पर लाभ से वंचित रह सकते हैं।

वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष चेमन देशमुख ने आज मीडिया से बातचीत में कहा, "वह कार्यक्रम के संयोजक थे और उनका उद्देश्य मंच को पूरी तरह सामाजिक बनाए रखना था। पूर्व मुख्यमंत्री का भाषण राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप की दिशा में जा रहा था, इसलिए मैंने केवल समाज से जुड़े विषयों पर बोलने का अनुरोध किया।"उनका कहना था कि यदि राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा करनी थी, तो उसके लिए अलग मंच होना चाहिए था। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी बात को गलत अर्थों में लिया गया और इसी वजह से विवाद खड़ा हुआ।

कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष के अलावा वरिष्ठ भाजपा नेता सुरेंद्र देशमुख, जिला पंचायत अध्यक्ष तारिणी चंद्राकर सहित पार्टी के कई पदाधिकारी मंच पर अतिथि के रूप में मौजूद थे। इसी वजह से मंच पर राजनीतिक संतुलन को लेकर भी सवाल उठे।

मीडिया से चर्चा के दौरान भूपेश बघेल से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बदले जाने की अटकलों पर भी सवाल किया गया। इस पर उन्होंने कहा कि उन्हें इस तरह की किसी जानकारी का पता नहीं है और इस विषय पर वे कुछ नहीं कह सकते।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने पूर्व मुख्यमंत्री के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके नेता हर मंच को राजनीतिक बनाने के लिए जाने जाते हैं। धान खराब होने के मुद्दे पर उन्होंने कांग्रेस शासनकाल की व्यवस्थाओं का हवाला देते हुए कहा कि उस समय भी नुकसान हुआ था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

भाजपा प्रवक्ता ने दावा किया कि मौजूदा सरकार सुशासन के सिद्धांत पर काम कर रही है और यदि कहीं भी गड़बड़ी सामने आती है, तो जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित