बालोद , जनवरी 30 -- ) छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में न्यायालय ने शुक्रवार को आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनायी।
एफ.टी.एस.सी. (पॉक्सो) अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कृष्ण कुमार सूर्यवंशी की अदालत ने ग्राम नेवारीखुर्द निवासी 21 वर्षीय आरोपी जागेश्वर गंडावी को दोषी करार दिया। न्यायालय ने आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास के साथ एक हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में आरोपी को छह माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
वर्ष 2023 में आरोपी ने नाबालिग पीड़िता से संपर्क कर प्रेम और विवाह का झांसा देकर उसे अपने घर बुलाया। नवंबर 2023 से आरोपी ने पीड़िता के साथ लगातार शारीरिक संबंध बनाए। जनवरी 2024 में पीड़िता का मासिक धर्म बंद होने पर आरोपी ने डॉक्टर से जांच कराने की बात कही, लेकिन उचित उपचार नहीं कराया।
अगस्त 2024 में पीड़िता ने एक बच्चे को जन्म दिया, जिसके बाद आरोपी ने जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया। घटना से आहत पीड़िता ने अपने माता-पिता को पूरी आपबीती बताई। इसके पश्चात 10 अगस्त 2024 को बालोद थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई गयी।
शिकायत के आधार पर बालोद थाना में आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376(2)(एन) तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 4, 5(जे)(2)/6 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।
जांच पूर्ण होने के बाद आठ अक्टूबर 2024 को न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) बसंत कुमार देशमुख ने प्रभावी पैरवी की। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी मानते हुए कठोर सजा सुनाई।
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