कोण्डागांव , नवंबर 11 -- त्तीसगढ के कोण्डागांव में बालिकाओं की सुरक्षा, शिक्षा और समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती किरण चतुर्वेदी के निर्देशानुसार आज सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गायत्री साय ने बालिका गृह कोण्डागांव का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संस्थान में रह रही बालिकाओं की सुरक्षा, भोजन, स्वास्थ्य और शिक्षण से जुड़ी व्यवस्थाओं का गहन अवलोकन किया।

निरीक्षण के दौरान न्यायाधीश ने अधीक्षिका मणि शर्मा सहित संबंधित कर्मचारियों से सभी व्यवस्थाओं की जानकारी ली और अभिलेखों का भी परीक्षण किया। उन्होंने बालिकाओं से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर उनके अध्ययन, स्वास्थ्य, मनोरंजन तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। बालिकाओं ने भी न्यायाधीश को अपनी दिनचर्या और संस्थान में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में बताया।

माननीय न्यायाधीश ने निर्देश दिए कि बालिकाओं के सर्वांगीण विकास हेतु नियमित रूप से परामर्श और मनोवैज्ञानिक सहयोग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि वे आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ सकें। उन्होंने कहा कि संस्थान में स्वच्छता, सुरक्षा और पोषण संबंधी मानकों का कड़ाई से पालन हो तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान पैरालीगल वालंटियर रंजन बैध और लोकेश यादव भी उपस्थित रहे। बालिका गृह प्रशासन ने न्यायाधीश के निर्देशों को गंभीरता से लेते हुए सभी सुझावों पर शीघ्र अमल करने का आश्वासन दिया।

यह निरीक्षण न केवल बालिकाओं की देखभाल और सुरक्षा की स्थिति को मजबूत करेगा, बल्कि संस्थान में पारदर्शिता एवं जवाबदेही की भावना को भी और अधिक सुदृढ़ करेगा।

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