चमोली , मार्च 24 -- उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध औली गौरसों सहित नन्दादेवी बायोस्फियर रिजर्व क्षेत्र में 12 से अधिक देशों के 18 प्रतिनिधि हिमालय की जैविक विविधता को देखने पहुंचे हैं।

वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के तत्वावधान में, विदेश मंत्रालय के 18 सदस्यीय अंतराष्ट्रीय दल ने नन्दा देवी बायोस्फियर रिजर्व के बफर ज़ोन औली गोरसों ईको टूरिज्म ट्रैक रूट में ट्रैनिंग ऑन माउंटेन हैरिटेज एंड नेचर, कल्चर,लिंकेज प्रोग्राम के तहत सोमवार को इस उच्च हिमालयी क्षेत्र के भ्रमण पर आये। इस टीम का नेतृत्व नन्दादेवी बायोस्फियर रिजर्व के प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफ) अभिमन्यु ने किया। उच्च हिमालयी क्षेत्र को करीब से जानने और देखने के आये अंतर्राष्ट्रीय राष्ट्रीय दल के सदस्यों ने औली गोरसों क्षेत्र की जैव विविधता, माउंटेंस, कल्चरल हेरिटेज, माउंटेंस लाइफ, फ्लोरा, फ्यूना, बुग्याल, विंटर स्पोर्ट्स, ईको टूरिज्म नेचर एक्टिविटी सहित पक्षी अवलोकन, नन्दा देवी राष्ट्रीय पार्क, वैली ऑफ फ्लावर्स, वर्ल्ड हेरिटेज साईट,के सम्बन्ध में खासी रुचि दिखाई।

श्री अभिमन्यु, वन क्षेत्राधिकारी चेतना कांडपाल और वाल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट आफ इंडिया की कार्यक्रम समन्वयक मधुमिता ने अंतर्राष्ट्रीय दल को भारत के इस उच्च हिमालय की जैविकता की विस्तार से जानकारी दी।

अंतर्राष्ट्रीय दल जब औली पहुंचा उस समय औली टॉप के आसपास कुछ पल हुई ओलावृष्टि और बर्फबारी को देख कर दल के सदस्यों के चेहरे खिल । इस अंतर्राष्ट्रीय दल में श्रीलंका, भूटान, घाना, इंडोनेशिया, केन्या,मलेशिया, नेपाल, पापुआ न्यूगिनी, साउथ सूडान, तजाकिस्तान, तंजानिया, वियतनाम आदि देशों के वन एवं पर्यावरण मंत्रालय, वन्य जीव संस्थान, भू और प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय, पर्यटन मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय, वन्य जीव संरक्षण मंत्रालय से जुड़े अधिकारी शामिल हैं।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित