अलवर , मार्च 31 -- राजस्थान में अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ कस्बे के स्वामी केशवानंद शिक्षण संस्थान की छात्रा एवं किसान परिवार की बेटी लक्ष्मीबाई भामू ने मंगलवार को माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर द्वारा घोषित 12वीं के साइंस परिणाम में 99 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
लक्ष्मी ने न केवल विद्यालय, बल्कि पूरे लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र का नाम राज्य स्तर पर रौशन किया है। उनकी यह सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि उनके पिता फतेह सिंह एक साधारण किसान हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए वह खेती के साथ-साथ तुड़ी भरने एवं मजदूरी कार्य भी करते हैं। माता गुड्डी देवी गृहणी हैं। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद पिता ने बेटी की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी और लक्ष्मी ने भी पिता के पसीने की हर बूंद की कीमत अपनी अंकसूची में स्वर्णाक्षरों में लिख दी।
लक्ष्मी बाई ने रसायन विज्ञान और गणित विषय में 100 में से 100 अंक प्राप्त किए हैं। अपनी सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए लक्ष्मी ने बताया कि वह भविष्य में बीएससी करने के बाद एसएससी-सीजीएल की परीक्षा देना चाहती हैं। उसने उस स्कूल का भी जिक्र किया जिसमें उसने दसवीं की कक्षा पास की और बताया कि उस स्कूल के शिक्षकों ने भी उसका हमेशा मार्गदर्शन किया। वह प्रशासनिक सेवाओं के जरिए देश की सेवा करना चाहती हैं।
लक्ष्मी ने अपनी इस शानदार उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता के त्याग, विद्यालय निदेशक का मार्गदर्शन और अपने शिक्षकों की कड़ी मेहनत को दिया है।
परिणाम घोषित होते ही विद्यालय परिसर में जश्न का माहौल हो गया। विद्यालय निदेशक मोरध्वज सिंह चौधरी एवं कस्बे के गणमान्य नागरिकों ने छात्रा लक्ष्मी का साफा बंधन करके और माला पहनाकर भव्य स्वागत किया। इस दौरान ग्रामीणों ने मिठाई बांटकर खुशी का इजहार किया। बेटी की इस उपलब्धि पर माता-पिता को भी नाज है। परिजनों ने बताया कि बेटी दसवीं तक बड़ौदा में ही पढ़ी थी उसके बाद विज्ञान वर्ग लेने के लिए उसका प्रवेश लक्ष्मणगढ़ में कराया। विषम परिस्थितियों में भी बेटी का हौसला बढ़ाते रहे। उसे कहीं भी कमी महसूस नहीं होने दी। बेटी का मकसद है सिविल सेवा में जाने का। उन्होंने उम्मीद जताई कि जैसे कक्षा 12वीं में मकाम हासिल किया है, इसी तरह वह अपने मकसद में कामयाब होगी।
स्कूल संचालक मोरध्वज सिंह चौधरी ने बताया लक्ष्मी बाई भामू की सफलता यह साबित करती है कि इरादे मजबूत हों, तो अभाव भी रास्ते की बाधा नहीं बन सकते। हमें अपनी बिटिया पर गर्व है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित