रांची , नवंबर 18 -- झारखंडमे भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी राज्य सरकार पर बड़ी गंभीर आरोप लगाया है।
श्री मरांडी ने आज कहा कि वित्तीय कुप्रबंधन और अदूरदर्शिता के कारण झारखंड वैसे भी वित्तीय संकट से गुजर रहा है। सरकार के पास इससे उबरने का कोई रोडमैप भी नहीं है। वहीं उन्होंने जेपीएससी द्वारा आयोजित फूड सेफ्टी ऑफिसर और सीडीपीओ परीक्षाओं को लगभग दो वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन अब तक परिणाम घोषित नहीं किए जाने को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।
श्री मरांडी ने अपन सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा कि, राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में संवेदकों का भुगतान पिछले डेढ़ वर्ष से लंबित है, जिसके कारण लाखों मजदूर प्रभावित हो रहे हैं और कई ठेकेदार वित्तीय संकट में फंस गए हैं।
जिन कार्यों का पूरा निष्पादन किया जा चुका है और जिनकी माप पुस्तिका (एमबी) भी विभागों द्वारा स्वीकृत है, उनके बिलों का भुगतान भी नहीं किया जा रहा। वहीं, नए टेंडर भी रोक दिए गए हैं, जिससे विकास कार्य पूरी तरह ठप हो गए हैं।
संवेदक बताते हैं कि उनसे वर्क एग्रीमेंट करने, कार्यादेश जारी करने, मापी पुस्तिका बनाने, बिल भुगतान करने का कमीशन इंजीनियर, नाजिर, अधिकारी और विभागीय मंत्री द्वारा वसूल कर हेमंत सोरेन जी तक पहुंचा दिया जाता है। अपने हिस्से का कमीशन मिलने के बाद सारे ये भ्रष्टाचारी इत्मीनान हो जाते हैं, इन्हें संवेदक के भुगतान की परवाह नहीं रहती।
वित्तीय कुप्रबंधन और अदूरदर्शिता के कारण झारखंड वैसे भी वित्तीय संकट से गुजर रहा है। सरकार के पास इससे उबरने का कोई रोडमैप भी नहीं है।हेमंत सोरेन जल्द से जल्द संवेदकों का भुगतान सुनिश्चित करें, ताकि विकास कार्य प्रभावित न हो।
श्री मरांडी ने कहा है कि जेपीएससी द्वारा आयोजित फूड सेफ्टी ऑफिसर और सीडीपीओ परीक्षाओं को लगभग दो वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन अब तक परिणाम घोषित नहीं किए गए हैं। परीक्षार्थी लगातार परिणाम जारी करने की मांग कर रहे हैं, मगर ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार युवाओं को रोजगार देने के प्रति गंभीर नहीं है।
झामुमो कोटे से जेपीएससी में शामिल सदस्यों ने नियुक्ति में धांधली की प्रवृति को बढ़ावा दिया है, जिनके कारण नियुक्ति प्रक्रिया में अनियमितताओं की आशंका बढ़ी है और आयोग की विश्वसनीयता भी प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन युवाओं के भविष्य की सौदेबाजी छोड़कर उक्त दोनों परीक्षाओं का रिजल्ट शीघ्र जारी कराएं।
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