ऋषिकेश , फरवरी 07 -- उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत शनिवार को यहां बापू ग्राम बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले चल रहे धरने में शामिल हुए और आंदोलनकारियों से संवाद कर उनकी मांगों का समर्थन किया।

उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद घर और भूमि पर संकट मंडराते देख बापू ग्राम, शिवाजी नगर, मीरा नगर और मालवीय नगर के लोग आंदोलन कर रहे हैं। बापू ग्राम बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले चल रहे धरने को शनिवार को उस समय और बल मिला, जब श्री रावत धरनास्थल पर पहुंचे और आंदोलनरत लोगों से संवाद किया।

धरनारत नागरिकों को संबोधित करते हुए श्री रावत ने मौजूदा सरकार और उसके नुमाइंदों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वर्षों से बसे लोगों के घर और जमीन को असुरक्षित करना सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है। बापू ग्राम सहित आसपास के क्षेत्रों के लोग किसी अवैध कब्जे के नहीं, बल्कि अपने हक और अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं।

श्री रावत ने कहा कि राज्य सरकार को चाहिए था कि शीर्ष अदालत के आदेश के बाद प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, वैकल्पिक व्यवस्था और स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाती, लेकिन सरकार ने लोगों को अनिश्चितता और भय के हवाले कर दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस संघर्ष में जनता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और जरूरत पड़ी तो इस आंदोलन को प्रदेश स्तर तक ले जाया जाएगा।

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