नयी दिल्ली , मार्च 10 -- जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने कहा है कि सरकार बांधों की सुरक्षा को लेकर हमेशा अत्यंत संवेदनशील रहती है और यही कारण है कि मानसून से पहले और मानसून के बाद बांधों के निरीक्षण के दौरान प्रतिवर्ष 13,000 से अधिक निरीक्षण रिपोर्ट तैयार की जाती हैं।
श्री पाटिल ने मंगलवार को यहां आर.के. पुरम स्थित वेस्ट ब्लॉक-2 में राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण (एनडीएसए) के नये कार्यालय का उद्घाटन करते हुए कहा कि बांध सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण डिजिटल पहलों की शुरुआत की गई है।
उन्होंने कहा कि धर्मा डेटाबेस में कृत्रिम बुद्धिमत्ता को एकीकृत करने से इस विशाल भंडार में जानकारी के विश्लेषण में काफी सहायता मिलेगी और बांध सुरक्षा डेटा के डिजिटलीकरण और निर्णय लेने की प्रक्रिया में सुधार में महत्वपूर्ण योगदान होगा।
उन्होंने बांध टूटने के विश्लेषण के लिए डिजिटल मानचित्र और विज़ुअलाइज़ेशन प्लेटफॉर्म बनाने में सक्षम उपकरण विकसित करने के कार्यों की सराहना की और कहा कि यह आधुनिक जोखिम मूल्यांकन और योजना के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने केंद्रीय जल आयोग द्वारा छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की पहल को महत्वपूर्ण बताया और सरकारी संस्थानों में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के महत्व पर जोर दिया।
केंद्रीय मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि एनडीएसए में नया कार्यालय और बेहतर कार्यस्थल वातावरण कार्यकुशलता और उत्पादकता को बढ़ाएगा और देश भर में बांध सुरक्षा सुनिश्चित करने में प्राधिकरण की भूमिका को और मजबूत करेगा।
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