बांदा , मार्च 31 -- उत्तर प्रदेश के बांदा में एक स्थानीय अदालत ने नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म के दोषी युवक को 20 वर्ष के कठोर कारावास तथा 7 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। लोक अभियोजक शिव पूजन सिंह पटेल ने मंगलवार को बताया कि मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के परेई गांव निवासी अर्जुन पाल, कोतवाली नगर क्षेत्र के हटेटी पुरवा गांव में ट्रैक्टर चालक के रूप में कार्यरत था। आरोपी ने एक नाबालिग बच्ची को बहला-फुसलाकर दिल्ली ले जाकर उसके साथ कई बार जबरन दुष्कर्म किया।

घटना की सूचना पर 2 फरवरी 2014 को पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। मुकदमा दर्ज होने की जानकारी मिलने पर आरोपी पीड़िता को दिल्ली से लाकर बांदा रेलवे स्टेशन पर छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने पीड़िता को बरामद कर उसका चिकित्सीय परीक्षण कराया और मामले की विवेचना की। विस्तृत जांच के बाद 14 मई 2014 को पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने सात गवाह पेश किए।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायालय पॉक्सो के न्यायाधीश प्रदीप कुमार मिश्र ने साक्ष्यों और पक्ष-विपक्ष की दलीलों के आधार पर आरोपी अर्जुन पाल को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास और 7 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।

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