ढाका , अप्रैल 06 -- बांग्लादेश के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री सरदार मोहम्मद सखावत हुसैन ने देश में खसरे के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी का मुख्य कारण हाल के वर्षों में, विशेषकर अंतरिम सरकार में टीकाकरण में देरी और प्रशासनिक चूक को बताया है।
मंत्री ने नेशनल सिटिजन पार्टी (एनसीपी) के सांसद अख्तर हुसैन द्वारा उठाए गए एक नोटिस का जवाब देते हुए कहा कि खसरा-रूबेला का पिछला राष्ट्रव्यापी अभियान दिसंबर 2020 में चलाया गया था और चार साल के मानक चक्र के बावजूद साढ़े पांच साल से भी अधिक समय तक अभियान नहीं चलाया गया।
उन्होंने कहा कि इस लंबे अंतराल के कारण बच्चों का एक बड़ा हिस्सा, जिसमें नवजात शिशु भी शामिल हैं, टीकाकरण कवरेज के दायरे से बाहर रह गया, जिससे वे संक्रमण की चपेट में आने के प्रति अधिक संवेदनशील हो गए।
मंत्री ने एक रिपोर्ट के अनुसार अपनी पिछली टिप्पणियों में संकेत दिया था कि आठ वर्षों से टीकाकरण नहीं हुआ था। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों के बीच पैदा हुई भ्रम की स्थिति को स्वीकार करते हुए इस बात को दोहराया कि मूल समस्या अभियान चक्रों के दौरान लंबे समय तक रही रुकावट से जुड़ी है।
श्री अख्तर हुसैन ने एक नोटिस जारी करते हुए बताया कि पिछले तीन सप्ताह में खसरे से जुड़ी होने की आशंका वाले 115 लोगों की मौत हुई है, जबकि 20 मामलों की पुष्टि हो चुकी है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हजारों बच्चे इस बीमारी से संक्रमित हुए हैं और उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं में गंभीर कमियों को उजागर किया। इन कमियों में जिला और उपजिला स्तर के अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड, आईसीयू और एनआईसीयू की कमी शामिल है। विशेष रूप से राजशाही क्षेत्र में।
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