मथुरा , जनवरी 03 -- प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन महाराज ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में बांग्लादेशी खिलाड़ियों को शामिल न करने के निर्णय पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) का आभार व्यक्त किया है।

उन्होंने कहा कि यह फैसला करोड़ों हिंदुओं की भावनाओं का सम्मान है और उन लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है जो सनातनियों पर हो रहे अत्याचारों को अनदेखा करते हैं। देवकीनंदन महाराज ने पत्रकारों से कहा, " कुछ दिन पहले मुंबई में 50 हजार लोगों की उपस्थिति में मैंने यह मांग उठाई थी कि बांग्लादेशी क्रिकेटरों को भारत से बाहर किया जाना चाहिए। वहां जिस तरह से हिंदू मंदिरों को जलाया जा रहा है और हमारी माताओं-बहनों को प्रताड़ित किया जा रहा है, उसे कोई भी सच्चा सनातनी बर्दाश्त नहीं कर सकता। मुझे खुशी है कि मेरी आवाज सही जगह तक पहुंची और बीसीसीआई ने जनभावनाओं को समझते हुए बांग्लादेशी खिलाड़ियों को आईपीएल से दूर रखने का निर्णय लिया है।"महाराज ने कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के मालिक और बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान की चुप्पी पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा, " पूरा देश इस विषय पर बहस कर रहा है, लेकिन मिस्टर केकेआर की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। आप देश और बहुसंख्यक सनातनियों से ऊपर नहीं हैं। केकेआर टीम के पास समय था, वे खुद बांग्लादेशी खिलाड़ी को छोड़ने का फैसला ले सकते थे।" उन्होंने मांग की कि सेलिब्रिटीज को भी आगे आकर यह कहना चाहिए कि वे हिंदुओं के साथ खड़े हैं।

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