मथुरा , जनवरी 25 -- वृंदावन के ठाकुर श्री बांके बिहारी मंदिर में रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के आगमन के दौरान भारी हंगामा देखने को मिला। सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर मंदिर के सेवायत गोस्वामियों और उनके परिवार की महिलाओं को प्रवेश से रोके जाने पर आक्रोश फूट पड़ा। मुख्यमंत्री और भाजपा अध्यक्ष के दर्शनों से पहले प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए आम श्रद्धालुओं के साथ-साथ मंदिर के सेवायत गोस्वामियों का प्रवेश भी रोक दिया. यहां तक कि मंदिर में दर्शन के लिए जा रही गोस्वामी परिवार की महिलाओं को भी गेट पर ही रोक लिया गया. इस कार्रवाई से नाराज महिलाओं ने परिक्रमा मार्ग में प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और इसे 'अवैध' व 'प्रशासनिक हठधर्मिता' करार दिया.गोस्वामी परिवार की महिलाओं ने भावुक होकर प्रशासन और सरकार पर अन्याय का आरोप लगाया। नीलम गोस्वामी ने कहा कि वे कोई विरोध करने नहीं बल्कि केवल दर्शन करने आए थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें बंधक बना दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि गेट नंबर 4 पर पुलिस ने उनके साथ धक्का-मुक्की की और उन्हें अपने ही मंदिर में जाने से रोका गया।

रेणु गोस्वामी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सनातन के रक्षक कहलाने वालों के राज में आज अन्याय हुआ है। राजभोग सेवा अधिकारी रजत गोस्वामी सोनू ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले भी कई बार मंदिर आए हैं, लेकिन यह पहली बार है जब सेवायतों और उनकी पत्नियों को मंदिर से बाहर कर दिया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने उन्हें अपना स्थान छोड़ने पर मजबूर किया और एक कमरे में बंद करने की भी कोशिश की गई।

मंदिर परिसर में ही गोस्वामी समाज के तीखे विरोध और हंगामे को देख आला अफसरों में खलबली मच गई. आक्रोश को बढ़ता देख आनन-फानन में वरिष्ठ अधिकारियों ने आक्रोशित गोस्वामियों को समझा-बुझाकर शांत कराने का प्रयास किया. इस दौरान कुछ गोस्वामियों की पुलिस के साथ तीखी नोकझोंक भी हुई। हंगामे के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और नितिन नवीन ने ठाकुरजी के समक्ष पूजन किया, लेकिन मंदिर के सेवायतों के साथ हुआ यह व्यवहार स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना रहा।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित