बहराइच , जनवरी 11 -- उत्तर प्रदेश में बहराइच जिले के पयागपुर थाना क्षेत्र में रविवार को एक महिला और उसकी दो मासूम बेटियों की संदिग्ध हालात में मौत का मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष ने दहेज उत्पीड़न और हत्या का गंभीर आरोप लगाते हुए महिला के पति, ससुर और सास के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना खैरीघाट क्षेत्र के शिवपुर टापू बोझी गांव निवासी रामचन्द्र गुप्ता ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि उन्होंने अपनी पुत्री आशा उर्फ मीना (35) का विवाह करीब 12 वर्ष पूर्व पयागपुर थाना क्षेत्र के विशेश्वरगंज निवासी विष्णु उर्फ बजरंगी पुत्र बजरंगी से किया था। शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा लगातार दहेज की मांग की जाती रही और मांग पूरी न होने पर आशा को शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था।

तहरीर में आरोप लगाया गया है कि पति विष्णु, ससुर बजरंगी और सास पिंकी देवी अक्सर आशा के साथ मारपीट करते थे और उसे मायके से दहेज लाने का दबाव बनाते थे। पीड़िता अपने मायके वालों को प्रताड़ना की बात कई बार बताती रही, लेकिन ससुराल पक्ष के व्यवहार में कोई सुधार नहीं हुआ।

घटना 10 जनवरी की रात की बताई जा रही है, जब पीड़िता आशा उर्फ मीना और उसकी दो बेटियों के बारे में सूचना मिली कि उनकी मौत हो गई है। पीड़ित पिता का आरोप है कि आशा और उसकी बड़ी बेटी का शव तालाब के पास मिला, जबकि छोटी बेटी का शव नहीं मिला। परिजनों का दावा है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि ससुराल पक्ष द्वारा की गई हत्या है।

पीड़ित पक्ष ने आशंका जताई है कि आशा और उसकी दोनों बेटियों को दहेज के लिए प्रताड़ित कर मार डाला गया और साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शवों को तालाब के पास फेंका गया। इस मामले में पति, ससुर और सास के खिलाफ नामजद आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।

थानाध्यक्ष संजय सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच उपनिरीक्षक सुरेश मणि मिश्र को सौंपी गई है।पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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