बहराइच , अप्रैल 08 -- उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में 50 चिह्नित भू-माफिया और पूर्व जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र सिंह उर्फ गब्बर, ग्राम प्रधान रविन्द्र सिंह तथा अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी तथा साजिश की गंभीर धाराओं में नगर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की गयी है।

पुलिस अधीक्षक विश्वजीत राय के हस्तक्षेप के बाद दर्ज इस मामले में जांच भी तेज कर दी गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, देहात कोतवाली क्षेत्र के शिवनगर निवासी सुधा मातनहेलिया ने एसपी कार्यालय में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि पयागपुर थाना क्षेत्र के मोहनपुर माफी गांव के ग्राम प्रधान रविन्द्र सिंह, उनके भाई और शीर्ष -50 भू-माफिया सूची में शामिल देवेंद्र सिंह उर्फ गब्बर ने आपसी सांठगांठ कर फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से जमीन हड़पने की साजिश रची।

तहरीर में कहा गया है कि तहसीलदार न्यायिक सदर अदालत में लंबित नामांतरण वाद के दौरान आरोपियों ने 31 जनवरी को बैनामा शून्य कराने के लिए आपत्ति दाखिल की। इस दौरान अदालत में प्रस्तुत प्रपत्रों में अरुण कुमार मातनहेलिया का मृत्यु प्रमाणपत्र 22 फरवरी 2027 की तिथि का और जांच रिपोर्ट 24 जून 2023 की लगाई गई, जो संदिग्ध पाई गई।

पीड़िता के अनुसार, उक्त मृत्यु प्रमाणपत्र नगर पालिका कर्मियों की मिलीभगत से फर्जी तरीके से बनवाया गया था, ताकि न्यायालय से अनुचित लाभ लिया जा सके। पुलिस द्वारा मामले की जांच विधि विज्ञान प्रयोगशाला से कराए जाने पर दस्तावेज फर्जी पाए गए हैं, जिसके बाद मामला और गंभीर हो गया है।

वहीं कुछ दिन पहले उच्चतम न्यायालय द्वारा 28 मई 2022 को गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज एक अन्य प्राथमिकी को निरस्त किए जाने का मामला भी चर्चा में है। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया था कि गैंग चार्ट तैयार करने की वैधानिक प्रक्रिया का पालन न होने पर प्राथमिकी अवैध मानी जाएगी। न्यायालय ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को गैंगस्टर घोषित करने से पहले निर्धारित प्रक्रिया का कड़ाई से पालन आवश्यक है।

उल्लेखनीय है कि देवेंद्र सिंह उर्फ गब्बर पर प्रदेश के विभिन्न जिलों लखनऊ, सुल्तानपुर, अयोध्या, बलरामपुर, श्रावस्ती, गोंडा और बहराइच में लूट, डकैती, जमीन कब्जा, रंगदारी और धमकी जैसे गंभीर मामलों में 50 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। फरारी के दौरान उस पर एक लाख रुपये तथा उसके सहयोगी मनीष जायसवाल पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने दोनों को फरवरी 2022 में गिरफ्तार कर जेल भेजा था।

जिला प्रशासन द्वारा माफिया की अवैध संपत्तियों पर भी कार्रवाई की जा चुकी है। शहर के डिगीहा तिराहा स्थित बंधन मैरिज हॉल (लगभग 110 करोड़ रुपये) को 24 जुलाई 2022 को कुर्क किया गया था। इसके अलावा रायपुर राजा क्षेत्र में उसकी पत्नी के नाम बने लगभग डेढ़ करोड़ रुपये के मकान को भी नवंबर 2024 में जब्त किया गया।

गौरतलब है कि देवेंद्र सिंह उर्फ गब्बर पयागपुर क्षेत्र के मोहनपुर माफी गांव का निवासी है और दबंग छवि के चलते जिला पंचायत सदस्य भी रह चुका है। वर्ष 2021 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम के दौरान मंच पर पहुंचकर उनके साथ फोटो खिंचवाने की घटना के बाद वह चर्चा में आया था, जिसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ अभियान तेज कर दिया था।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है और संबंधित विभागों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।

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