बहराइच , नवंबर 18 -- उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में कांग्रेस के 116 वरिष्ठ नेताओं एवं पदाधिकारियों ने आज एक सामूहिक आपत्ति एवं चेतावनी पत्र जारी किया जिसमें प्रदेश नेतृत्व द्वारा की गई हालिया जिला अध्यक्ष नियुक्ति को अन्यायपूर्ण, मनमाना और संगठनविरोधी करार दिया गया है।

नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर यह निर्णय वापस नहीं लिया गया और जिले का अध्यक्ष नहीं बदला गया, तो सभी नेता और कार्यकर्ता कांग्रेस पार्टी छोड़ने के लिए मजबूर होंगे।

पत्र में नेताओं ने कहा है कि इसे "गहरी पीड़ा, आक्रोश और लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन के खिलाफ एक संघर्ष" के रूप में लिखा गया है। इसमें पूर्व जिलाध्यक्षों, पीसीसी सदस्यों, ब्लॉक अध्यक्षों, नगर अध्यक्षों, जिला-महिला कांग्रेस, एनएसयूआई, सेवादल और युवा कांग्रेस के पदाधिकारियों की बड़ी संख्या ने हस्ताक्षर कर इस निर्णय का विरोध किया है। सभी वरिष्ठ नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि नियुक्त जिला अध्यक्ष का कोई संगठनात्मक अनुभव नहीं है, और इस तरह की मनमानी नियुक्ति से ज़मीनी कार्यकर्ता बेहद आहत हैं।

इस निर्णय से कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मनोबल टूटा है। संगठन में मेहनत करने वाले वरिष्ठ, युवा और महिला पदाधिकारियों के बीच भारी असंतोष फैल गया है। कार्यकर्ताओं ने प्रदेश नेतृत्व से तीन प्रमुख मांगें रखी हैं जिनमें अनुभवी कांग्रेसजनों के निष्कासन को तुरंत रद्द किया जाए , बहराइच जिला अध्यक्ष को तुरंत बदला जाए तथा एक योग्य, जमीनी और सर्वमान्य नेता की नियुक्ति की जाए।

पत्र में सभी नेताओं ने साफ कहा है कि यदि इस अन्यायपूर्ण निर्णय को वापस नहीं लिया गया, तो 800 से अधिक कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता एकजुट होकर पार्टी की तानाशाही के खिलाफ लामबंद होंगे। यह पत्र बहराइच जनपद के कांग्रेस इतिहास में सर्वाधिक बड़े सामूहिक विरोध के रूप में देखा जा रहा है।

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