जगदलपुर, जनवरी 03 -- बस्तर संभाग के लिए 2025 सुरक्षा, शांति और सामाजिक बदलाव का वर्ष रहा है। पूरे साल चले सघन अभियानों और जनकेंद्रित रणनीतियों के कारण बस्तर पुलिस ने नक्सलवाद की जड़ों को गहराई तक कमजोर किया है। सुरक्षा बलों ने नक्सली संगठन के कोर इलाकों में प्रभावी पहुंच बनाते हुए शीर्ष नेतृत्व को निष्क्रिय किया, जिससे माओवादी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।

साल 2025 में सुरक्षा बलों को नक्सल विरोधी अभियानों में बड़ी रणनीतिक सफलता मिली। मुठभेड़ों के दौरान भाकपा (माओवादी) के जनरल सेक्रेटरी बसवा राजू, सीसीएम जयराम उर्फ रेड्डी और कोसा उर्फ सत्यनारायण रेड्डी जैसे कुख्यात नक्सली मारे गए। अभियानों के दौरान कुल 677 अत्याधुनिक हथियार बरामद किए गए, जिनमें एके-47, एसएलआर और इंसास राइफलें शामिल हैं, जिससे नक्सलियों की मारक क्षमता को गंभीर नुकसान पहुंचा।

नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में 'पूना नारगेम' पुनर्वास नीति के सकारात्मक परिणाम सामने आए। अब तक 1573 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया, जिनमें 17 अक्टूबर 2025 को एक साथ 210 नक्सलियों का आत्मसमर्पण ऐतिहासिक माना जा रहा है। आत्मसमर्पित कैडरों को आर्थिक सहायता, आवास और व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर पुनर्वास सुनिश्चित किया जा रहा है।

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