बीजापुर , जनवरी 07 -- छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने बुधवार को बीजापुर जिले के अतिसंवेदनशील ग्राम कुटरू में एक महत्वपूर्ण बैठक में बस्तर अंचल के कोने-कोने में शांति और खुशहाली लाने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। इस बैठक में नियद नेल्ला नार योजना के तहत शामिल पंचायतों के विकास पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समाज प्रमुखों (गायता, सिरहा, पुजारी, बैगा) के साथ चर्चा हुई।

श्री शर्मा ने कहा कि हिंसा के साथ विकास संभव नहीं है। उन्होंने माओवादी प्रभाव से भटके युवाओं को मुख्यधारा में लौटने और पुनर्वास का रास्ता अपनाने की अपील की। उन्होंने बताया कि सरकार ग्राम स्तर पर विकास मॉडल तैयार कर रही है, जिसमें महिला समूहों और युवाओं को स्थानीय वनोपज के प्रसंस्करण के लिए सक्षम बनाया जाएगा। इससे ग्रामीण उत्पादक से व्यवसायी बनेंगे और उचित मूल्य प्राप्त कर सकेंगे।

उपमुख्यमंत्री ने समाज प्रमुखों से कहा कि वे अपने गांवों के युवाओं को पुनर्वास के लिए प्रेरित करें। जो गांव स्वेच्छा से नक्सल हिंसा से मुक्त होकर 'इलवद पंचायत' बनने का प्रस्ताव भेजेंगे, उन्हें एक करोड़ रुपये की अतिरिक्त विकास राशि दी जाएगी। इस संदर्भ में केतुलनार पेठा, मंगापेठा, रानी बोली, अंबेली और दरभा ग्राम पंचायतों को नक्सल मुक्ति की प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया।

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