बस्तर , फरवरी 09 -- केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज यहां ऐतिहासिक लालबाग मैदान में आयोजित तीन दिवसीय 'बस्तर पण्डुम 2026' के समापन समारोह में शामिल होकर विजेताओं को पुरस्कृत किया और कहा कि तय समय सीमा 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद का पूरी तरह सफाया कर दिया जाएगा। उन्होंने बस्तर के आदिवासियों के लिए खुशहाली का 'रोडमैप' पेश करते हुए सिंचाई परियोजना समेत कई बड़ी घोषणाएं कीं।

समापन समारोह से पहले अमित शाह का जगदलपुर स्थित मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, स्थानीय सांसदों और विधायकों सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने स्वागत किया।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा 7 फरवरी को शुभारंभ किए गए इस सबसे बड़े जनजातीय महोत्सव के समापन पर अमित शाह ने सभी 12 विधाओं - कला, संस्कृति, शिल्प, पहनावा, पेय पदार्थ, व्यंजन, नृत्य, गीत, संगीत एवं वाद्य यंत्रों की प्रतियोगिता में भाग लेने वाले विजेता कलाकारों को पुरस्कार राशि के डमी चेक देकर सम्मानित किया। इस पर्व में बस्तर संभाग के लगभग 55,000 आदिवासी कलाकारों ने हिस्सा लिया। प्रत्येक विजयी टीम को 50,000 रुपये का पुरस्कार दिया गया। पहली, दूसरी और तीसरी स्थान पाने वाली टीमों को राष्ट्रपति भवन में अपनी कला का प्रदर्शन करने और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ भोजन करने का अवसर मिलेगा।

अपने संबोधन में गृहमंत्री ने कहा, "बस्तर की पहचान बारूद नहीं हो सकती। बस्तर की पहचान यह पण्डुम है, धरती मां के प्रति आभार का पर्व है। इतने पर्व मनाने वाले आदिवासी भाइयों-बहनों के सारे पर्वों की सुरक्षा की जिम्मेदारी हमारे कंधों पर है और यह जिम्मेदारी उठाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तैयार हैं।" उन्होंने नक्सलियों को चेतावनी देते हुए कहा, "हम किसी पर गोली नहीं चलाना चाहते, लेकिन स्थानीय आदिवासियों की सुरक्षा के लिए हम किसी भी हद तक जा सकते हैं।" उन्होंने आगामी पांच सालों में बस्तर को सबसे खुशहाल संभाग बनाने का वादा करते हुए कहा कि नक्सलियों ने कभी किसी का भला नहीं किया और उन्होंने 4,000 स्कूल बंद करा दिए थे, जिन्हें सरकार ने फिर से शुरू कराया है।

गृहमंत्री ने बस्तर के लिए कई महत्वपूर्ण विकास योजनाओं की घोषणा की, जिनमें इंद्रावती नदी पर 3600 करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजना शामिल है, जिससे 2,75,000 हेक्टेयर खेतिहर जमीन की सिंचाई हो सकेगी और बिजली उत्पादन भी शुरू होगा। उन्होंने 118 करोड़ रुपये से नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने, सभी आदिवासी परिवारों को नल के पानी और मुफ्त गैस सिलेंडर की सुविधा देने, नियाद नेल्लानार योजना का विस्तार करने और 200 करोड़ रुपये की लागत से बने आदिवासी संग्रहालय का जिक्र किया। अमित शाह ने नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में बलिदान देने वाले जवानों को बस्तर के आदिवासियों की ओर से धन्यवाद दिया और विश्वास व्यक्त किया कि तय समय में ही बस्तर नक्सल-मुक्त हो जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और हजारों की संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद थे।

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