नारायणपुर , जनवरी 19 -- जनजातीय बहुल बस्तर संभाग की समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपरा और जीवनशैली को सहेजने के उद्देश्य से बस्तर पंडुम 2026 का आयोजन जिला नारायणपुर के ग्राम बेनूर में भव्य रूप से संपन्न हुआ। बस्तर पंडुम जनजातीय समाज की सांस्कृतिक पहचान को सशक्त मंच प्रदान करने के साथ-साथ लोक कलाकारों के प्रोत्साहन का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है।
आयोजन के दौरान बस्तर अंचल की लोककला, शिल्प, तीज-त्यौहार, खानपान, बोली-भाषा, रीति-रिवाज, वेश-भूषा, पारंपरिक आभूषण और वाद्य यंत्रों की मनोहारी प्रस्तुतियों ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। पारंपरिक नृत्य, गीत-संगीत, नाट्य, आंचलिक साहित्य, वन औषधि, स्थानीय व्यंजन एवं पारंपरिक पेय पदार्थों की प्रस्तुतियों के माध्यम से जनजातीय संस्कृति की जीवंत झलक देखने को मिली। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोकसंस्कृति के मूल स्वरूप का संरक्षण और भावी पीढ़ी तक इसका संवर्धन रहा।
विभिन्न अंचलों से आए कलाकारों और प्रतिभागियों ने नृत्य, संगीत, पारंपरिक वाद्य, हस्तशिल्प और वन औषधि से जुड़ी विधाओं का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। प्रतिभागियों ने कहा कि बस्तर पंडुम जैसे आयोजन न केवल लोक परंपराओं को संरक्षित करते हैं, बल्कि युवा पीढ़ी में सांस्कृतिक गर्व की भावना को भी मजबूत करते हैं।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, छोटेडोंगर की सरपंच संध्या पवार, जिला पंचायत सदस्य संतनाथ उसेंडी और राकेश कावड़े, बेनूर की सरपंच रैनी मरकाम, डीएफओ, जनपद सीईओ सुनील कुमार सोनपिपरे, डिप्टी कलेक्टर सौरभ दिवान सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
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