जगदलपुर/दंतेवाड़ा , नवंबर 04 -- छत्तीसगढ़ के बस्तर की धरती पर खेलों का उत्सव बस्तर ओलंपिक 2025 जोश, उमंग और प्रतिभा का प्रतीक बन गया है।

जिले के विभिन्न विकासखंडों में आयोजित हो रही प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से दर्शकों का दिल जीत लिया। कलेक्टर हरिस एस के निर्देशन और जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन के मार्गदर्शन में दरभा, तोकापाल और जगदलपुर ब्लॉक में विकासखंड स्तरीय खेलों का सफल समापन हुआ, जबकि बकावंड, लोहंडीगुड़ा और बस्तानार विकासखंडों में आज से प्रतियोगिताएं शुरू हुईं।

खेल मैदानों में ग्रामीण खिलाड़ियों ने पारंपरिक और आधुनिक खेलों में शानदार कौशल का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिताएं जूनियर और सीनियर वर्ग में जोनवार आयोजित की जा रही हैं, जिनके विजेता खिलाड़ी जिला स्तरीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे। समापन समारोह में विजेता खिलाड़ियों को मेडल और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। खेल मैदानों में दर्शकों की भीड़ और तालियों की गूंज ने प्रतियोगिता को जीवंत बना दिया।

वहीं, दंतेवाड़ा जिले के कुआकोंडा ब्लॉक में भी "बस्तर ओलंपिक" का उत्साह चरम पर रहा। हितावर खेल मैदान में आयोजित ब्लॉक स्तरीय प्रतियोगिता का शुभारंभ विधायक चैतराम अटामी और जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी ने किया। श्री अटामी ने कहा, "बस्तर की मिट्टी में प्रतिभा की कोई कमी नहीं। ऐसे आयोजन युवाओं को मंच प्रदान करते हैं और क्षेत्र की पहचान मजबूत करते हैं।"श्री मुड़ामी ने कहा कि बस्तर ओलंपिक गांवों में छिपी प्रतिभाओं को पहचान दिला रहा है। प्रतियोगिता में कबड्डी, खो-खो, दौड़, वॉलीबॉल, तीरंदाजी, गेंड़ी, फुगड़ी और रस्साकशी जैसे खेलों ने ग्रामीण खेल संस्कृति को पुनर्जीवित किया। महिला और पुरुष दोनों वर्गों के खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन कर खेल भावना का परिचय दिया।

इस दौरान जनपद पंचायत अध्यक्ष सुकालु मुड़ामी, जिला पंचायत सदस्य, जनप्रतिनिधि, शिक्षक, अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण व स्कूली बच्चे उपस्थित रहे। बस्तर ओलंपिक का यह चरण न केवल प्रतिभा प्रदर्शन का मंच बना, बल्कि इसने बस्तर की मिट्टी में बसती खेल भावना को भी नई उड़ान दी।

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