सुकमा , नवंबर 10 -- छत्तीसगढ में बस्तर की समृद्ध खेल संस्कृति और पारंपरिक विरासत को आगे बढ़ाने वाला "बस्तर ओलंपिक" अब अपने अगले चरण में प्रवेश कर रहा है। जिले के तीनों विकासखंड सुकमा, छिंदगढ़ और कोंटा में 11 नवंबर से विकासखंड स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं का भव्य आयोजन शुरू होने जा रहा है। जिला प्रशासन ने इस ऐतिहासिक आयोजन के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने खेल आयोजन की तैयारियों की समीक्षा बैठक लेकर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यह आयोजन गरिमा, अनुशासन और उत्साह के साथ संपन्न होना चाहिए। उन्होंने सभी विभागों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि खिलाड़ियों को स्वच्छ पेयजल, चिकित्सा सुविधा, भोजन और अन्य सभी मूलभूत सुविधाएं समय पर और उत्कृष्ट रूप से उपलब्ध हों, ताकि कोई भी खिलाड़ी असुविधा का सामना न करे और अपने प्रदर्शन पर पूरा ध्यान केंद्रित कर सके।

ज़ोन स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी अब इस विकासखंड स्तरीय प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे हैं। इस कारण मुकाबले बेहद रोमांचक और उच्च स्तरीय होने की उम्मीद है। प्रतियोगिताओं में खो-खो, कबड्डी, रस्साकस्सी और वॉलीबॉल जैसे पारंपरिक खेलों में जोरदार प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी।

साथ ही, एथलेटिक्स इवेंट्स जैसे 100, 200, 400 मीटर दौड़, रिले रेस, लंबी कूद, ऊँची कूद, तीरंदाजी, तवा फेंक, गोला फेंक और भाला फेंक में भी खिलाड़ी अपना दमखम दिखाने को तैयार हैं।

जिलेभर में इन खेलों को लेकर खिलाड़ियों और आम नागरिकों में गजब का उत्साह देखा जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग अपने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने पहुँचेंगे। प्रशासन का मानना है कि बस्तर ओलंपिक न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच प्रदान कर रहा है बल्कि पारंपरिक खेलों को पुनर्जीवित कर सामाजिक एकता और सांस्कृतिक गौरव को भी नई ऊर्जा दे रहा है।

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