वाराणसी , जनवरी 20 -- सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने मंगलवार को जन-सामान्य को सूचित किया कि विद्या, ज्ञान एवं वाणी की अधिष्ठात्री देवी माँ सरस्वती को समर्पित बसन्त पंचमी का पावन पर्व इस वर्ष गुरुवार, 23 जनवरी 2026 को शास्त्रीय विधि-विधान एवं श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। प्रो. शर्मा ने बताया कि विश्वविद्यालय के ज्योतिष विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए प्रामाणिक पंचांगों, धर्मशास्त्रीय मान्यताओं एवं ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार बसन्त पंचमी (माघ शुक्ल पंचमी) तिथि का शुभारम्भ 23 जनवरी 2026 को प्रातः 02:29 बजे होगा, जो 24 जनवरी 2026 को प्रातः 01:46 बजे तक प्रभावी रहेगी। इस प्रकार यह तिथि 23 जनवरी को सम्पूर्ण दिवस तथा 24 जनवरी को प्रातः 01:46 बजे तक विद्यमान रहेगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि शास्त्रीय सिद्धान्त "तिथिं समनु प्राप्त उदयं याति भास्करः" के अनुसार, चूंकि 23 जनवरी 2026 को पंचमी तिथि का सूर्योदय से संयोग बन रहा है, अतः यही दिन बसन्त पंचमी पर्व एवं श्री सरस्वती पूजन हेतु मुख्य रूप से मान्य रहेगा। साथ ही, मध्यरात्रि के उपरान्त भी पंचमी तिथि शेष रहने के कारण 24 जनवरी 2026 को सूर्योदय तक विद्यारम्भ, ज्ञान-दान, जप-तप एवं पूजनादि कर्म किए जा सकते हैं।

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