राजनांदगांव , नवंबर 20 -- छत्तीसगढ़ की संस्कारधानी राजनांदगांव शहर की बसंतपुर पुलिस की मानवीय पहल ने एक 10 वर्षीय मासूम को सुरक्षित उसके माता-पिता से मिलाकर संवेदनशील पुलिसिंग का बेहतरीन उदाहरण पेश किया।

पुलिस ने गुरुवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया बुघवार रात करीब 11:30 बजे एक जागरूक नागरिक ने सूचना दी कि जिला अस्पताल परिसर की पार्किंग के पास एक नाबालिग बालक डरा-सहमा बैठा है और पूछने पर अपना नाम एवं पता भी स्पष्ट नहीं बता पा रहा है। सूचना मिलते ही बसंतपुर थाना पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुँची।

पुलिस ने देखा कि बालक बेहद भयभीत था। स्थिति को समझते हुए उसे जिला अस्पताल पुलिस चौकी लाया गया, जहाँ पुलिसकर्मियों ने उसे प्यार और भरोसे से संभाला। कुछ देर बाद बच्चे ने अपना नाम गगन साहू (10), निवासी कन्हारपुरी बताया। उसने बताया कि वह घर का रास्ता भूल गया था।

बालक की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम उसे लेकर कन्हारपुरी पहुँची। स्थानीय लोगों से पूछताछ में पुष्टि हुई कि बच्चा भीम साहू का पुत्र है। इसके बाद पुलिस ने गगन को सकुशल उसके पिता के हवाले कर दिया। अपने बेटे को सुरक्षित पाकर पिता ने बसंतपुर पुलिस का आभार व्यक्त किया।

इस पूरी कार्यवाही में प्रधान आरक्षक दीपक जायसवाल एवं आरक्षक जामिन्द्र वर्मा की उल्लेखनीय भूमिका रही, जिन्होंने त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई करते हुए एक परिवार को राहत पहुंचाई।

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