भोपाल धार , जनवरी 21 -- आगामी 23 जनवरी को आने वाली बसंत पंचमी के पहले मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने आज कहा कि सरकार व प्रशासन की ज़िम्मेदारी है कि धार जिले की भोजशाला में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा पारित किए गए आदेश का पूर्ण पालन किया जाए।

श्री सिंह ने आज सोशल मीडिया पर दिए अपने बयान में कहा कि बसंत पंचमी का त्योहार शुक्रवार को आ रहा है। पूर्व में भी आया है और केंद्र सरकार के निर्णय अनुसार धार जिला प्रशासन ने उसे शांति से दोनों पक्षों से मिल कर मनाने की व्यवस्था की थी।

उन्होंने कहा कि वे प्रशासन व सरकार से कहना चाहेंगे कि एएसआई 2003, 2013 व 2016 के अपने आदेश में स्पष्ट कर चुका है कि जब भी कभी बसंत पंचमी का त्योहार और शुक्रवार की नमाज़ साथ में होती है तो बसंत पंचमी की पूजा सूर्योदय से लेकर 1 तक और उसके बाद 3:30 बजे से सूर्यास्त तक की जाएगी और दोपहर 1 - 3 का समय शुक्रवार की नमाज़ अदा करने के लिए छोड़ा जाएगा। इस स्थिति में सरकार व प्रशासन की ये ज़िम्मेदारी है कि एएसआई द्वारा पारित किए गए आदेश का पूर्ण पालन किया जाए और धार में अमन शांति का पैग़ाम दिए जाने की पूरी कोशिश करते हुए सांप्रदायिक उन्माद व अफ़वाह फैलाने वालो पर सख्त कार्यवाही की जाए।

दरअसल कुछ हिंदूवादी संगठन बसंत पंचमी को भोजशाला में पूरे दिन पूजा की अनुमति की मांग के साथ उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटा चुके हैं। इस मामले में न्यायालय कल सुनवाई करने वाला है। इसके पहले श्री सिंह का आज ये बयान सामने आया है।

इसी बीच ऐतिहासिक भोजशाला में मंगलवार को नियमित सत्याग्रह हुआ। बसंत पंचमी नजदीक होने के कारण इस बार सत्याग्रह में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। हवन, पूजन और सुंदरकांड के पाठ के साथ ही परिसर 'जय श्री राम' और 'माँ वाग्देवी की जय' के उद्घोष गूंजे। इस दौरान भोजशाला के गर्भगृह में मां वाग्देवी का चित्र स्थापित कर हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। सत्याग्रह में देवास से पधारे कृष्ण गोपाल दास जी महाराज सहित बहुत से लोग उपस्थित रहे। सत्याग्रहियों ने भोजशाला की मुक्ति और माँ वाग्देवी की प्रतिमा की पुनर्स्थापना का संकल्प दोहराया।

दरअसल 23 जनवरी को बसंत पंचमी का पर्व और इसी दिन शुक्रवार जुम्मा होने के कारण नमाज और पूजा के समय को लेकर प्रशासन के सामने कड़ी चुनौती है। सुरक्षा की दृष्टि से वर्तमान में भी भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। भोजशाला मुक्ति समिति ने हिंदू समाज से 23 जनवरी को अधिक से अधिक संख्या में पहुँचने का आह्वान किया है। भोजशाला की मुक्ति एवं मां वाग्देवी की स्थापना को लेकर वर्ष 2003 से गर्भगृह में नियमित सत्याग्रह जारी है।

'हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस' के वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन द्वारा बसंत पंचमी पर सूर्योदय से सूर्यास्त तक निर्बाध पूजा अर्चना की अनुमति हेतु दी गई याचिका को उच्चतम न्यायालय ने स्वीकार कर लिया है। अदालत इस मामले में गुरुवार को अगली सुनवाई करेगी। इस सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि इसी से तय होगा कि बसंत पंचमी के दिन भोजशाला में पूजा की व्यवस्था क्या रहेगी। याचिकाकर्ता आशीष गोयल के अनुसार कोर्ट ने आवेदन स्वीकार कर लिया गया हैं, जिसमें अखंड पूजा की मांग रखी गई है।

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