बेंगलुरु , जनवरी 05 -- कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने कहा है कि बल्लारी मामले की जांच आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) को सौंपी जा सकती है।
उन्होंने सोमवार को पत्रकारों से कहा, "अगर सीआईडी जांच की जरूरत पड़ी, तो हम वह भी करेंगे। मैं इस मामले पर मुख्यमंत्री से बात करूंगा।" उन्होंने मामले की जारी जांच की गंभीरता का भी संकेत दिया।
श्री परमेश्वर ने हिंसा के दौरान फायरिंग के स्रोत पर चिंताओं को दूर करते हुए मामले में शामिल सभी निजी असलहों को जब्त करने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि बरामद गोलियों को जांच के लिए प्रयोगशाला (एफएसएल) भेजा गया है। उन्होंने कहा, " पुलिस महानिदेशक ने पुष्टि की है कि पुलिस ने बंदूकों का इस्तेमाल नहीं किया था। ऐसा लगता है कि फायरिंग निजी लोगों ने की थी। जांच के नतीजों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।"गृहमंत्री ने यह भी कहा कि खनिज कारोबारी जनार्दन रेड्डी और कांग्रेस विधायक नारा भरत रेड्डी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों की एक साथ जांच की जा रही है। उन्होंने कहा, "कानूनी दायरे में जो भी कार्रवाई करने की जरूरत होगी, वह की जाएगी। उस घटना के दौरान बंदूक, हैंड ग्रेनेड या पेट्रोल बम का इस्तेमाल किया गया हो, सभी की जांच की जाएगी।"गौरतलब है कि बल्लारी में हिंसा तब भड़की जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक जनार्दन रेड्डी के घर के पास वाल्मीकि की मूर्ति के अनावरण से पहले बैनर को लेकर विवाद उनके समर्थकों और नारा भरत रेड्डी के समर्थकों के बीच झड़प में बदल गया।
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