श्रीनगर , जनवरी 24 -- जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश और बर्फबारी के एक दिन बाद शनिवार को पूरी कश्मीर घाटी कड़ाके की ठंड की चपेट में रही और दूसरे दिन लगातार इस क्षेत्र का संपर्क देश के बाकी हिस्सों से कटा रहा।
गुरुवार रात शुरू हुई हिमपात और बारिश शुक्रवार रात रुक गई थी लेकिन इसका सामान्य जनजीवन पर गहरा असर पड़ा। सामरिक रूप से महत्वपूर्ण श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कई प्रमुख मार्ग अब भी बंद हैं लेकिन श्रीनगर एयरपोर्ट पर मौसम के कारण अस्थायी रूप से बाधित हुई उडान सेवा आंशिक रूप से दोबारा से शुरू हो गई है।
हवाईअड्डा निदेशक जावेद अंजुम ने कहा, "श्रीनगर एयरपोर्ट पर ऑपरेशन फिर से शुरू हो गए हैं और दो विमान यहां उतरे हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति में सुधार होते ही परिचालन पूरी तरह बहाल कर दिया जाएगा। इससे पहले दिल्ली हवाई अड्डे पर और खराब मौसम के कारण आज सुबह श्रीनगर एयरपोर्ट पर कई उड़ानें रद्द भी करनीं पड़ीं थीं।"हिमपात के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रसिद्ध स्की रिसॉर्ट गुलमर्ग में सबसे अधिक 1.7 फुट बर्फ दर्ज की गई। इसके अलावा कोकरनाग और पहलगाम में डेढ़-डेढ़ फुट, बटोत में 1.4 फुट, भद्रवाह में एक फुट, बनिहाल में 0.7 फुट और काजीगुंड में 0.3 फुट हिमपात हुआ।
गुरुवार शाम को शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ ने महज दो दिनों में लगभग महीने भर की बारिश के बराबर पानी बरसाया है, जिससे घाटी में लंबे समय से चल रहा सूखे जैसे हालात खत्म हो गए। हिमपात के बाद पूरी घाटी में न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे 1.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि काजीगुंड में यह शून्य से नीचे 4.2 डिग्री रहा। पहलगाम में तापमान गिरकर शून्य से नीचे 7.6 डिग्री, कुपवाड़ा में शून्य से नीचे 4.0 डिग्री और कोकरनाग में शून्य से नीचे 6.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
गुलमर्ग घाटी का सबसे ठंडा स्थान रहा जहां न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे 12.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, वहीं सोनमर्ग में शून्य से नीचे 10.5 डिग्री रहा। दक्षिण और मध्य कश्मीर के पुलवामा में शून्य से नीचे 3.4 डिग्री और शोपियां में न्यनूतम तापमान शून्य से नीचे 7.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
मौसम विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ अब कमजोर पड़ गया है लेकिन अगले कुछ दिनों तक कड़ाके की ठंड जारी रहने के आसार हैं।
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