देहरादून , नवम्बर 10 -- उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सोमवार को "मुख्यमंत्री घोषणाओं" की समीक्षा बैठक आयोजित हुई।

श्री बर्धन ने संबंधित सचिव, विभागाध्यक्ष और जिलाधिकारियों को पूर्ण हो चुकी, गतिमान और किसी विशेष इश्यू के चलते अभी तक प्रारंभ नहीं की जा सकी ऐसी सभी घोषणाओं तथा गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस तथा राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर की गई सभी घोषणाओं का पृथक- पृथक विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने गतिमान घोषणाओं की भौतिक और वित्तीय प्रगति का अपडेट तीन दिवस की अवधि में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ऐसी घोषणाएं जिनको किसी भी प्रकार के इश्यू के कारण अभी तक प्रारंभ नहीं किया जा सका, उनका विवरण कार्य प्रारंभ न करने का कारण बताते हुए सात दिवस की अवधि में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देशित किया कि गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस और राज्य स्थापना दिवस पर की गई मुख्यमंत्री घोषणाओं की सूची अलग से तैयार करें तथा उनको उच्च प्राथमिकता में लेते हुए अग्रिम कार्रवाई करना सुनिश्चित करें।

श्री बर्धन ने संबंधित विभागों और जिलाधिकारियों को कहा कि ऐसी घोषणाऐं, जिनको तत्काल प्रारंभ करने में कोई इशू नहीं है, उनके तत्काल प्रस्ताव प्रस्तुत करें। जिन घोषणाओं को प्रारंभ करने में कोई इशू है उनकी समस्या की प्रकृति बताते हुए उचित निराकरण के लिए प्रथम बार विभागीय सचिव स्तर से निस्तारित कराएं। यदि सचिव स्तर पर निस्तारण नहीं हो पाता तो उन्होंने उनके स्तर पर निराकरण के लिए प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने सचिव, एसएन पांडेय को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति तेजी से पूरी हो इसके लिए निगरानी का प्रभावी क्रियाविध बनाएं तथा जिन विभागों की जिस घोषणा में प्रगति संतोषजनक न हो उनको व्यक्तिगत अथवा दैनिक नियमित से अवगत कराते हुए उसकी प्रगति बढ़ाएं। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री की कुल 3575 घोषणाओं में से 2215 घोषणाएं पूर्ण हो चुकी हैं, 777 पर कार्रवाई गतिमान हैं तथा 583 घोषणाएं अपूर्ण हैं।

बैठक में अपर सचिव नवनीत पांडेय व जगदीश कांडपाल, उप सचिव हीरा सिंह बसेड़ा, आरसी शर्मा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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