रायगढ़/रायपुर , फरवरी 05 -- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में बरमकेला स्थित अपेक्स बैंक से जुड़े करीब 10 करोड़ रुपये के गबन के मामले की जांच अब आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) को सौंपी गई है। विभाग ने गुरुवार को यह जानकारी दी। मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ ही सहकारी समितियों के प्रबंधकों की भूमिका को लेकर भी गंभीर संदेह जताया जा रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार अपेक्स बैंक की शाखा में वर्तमान में छह सहकारी समितियों के खाते संचालित हैं। इन्हीं खातों के माध्यम से बड़ी मात्रा में धनराशि की निकासी किए जाने की बात सामने आई है। बैंकिंग नियमों के तहत समिति खातों से बड़े लेन-देन के लिए संबंधित समिति प्रबंधक की सहमति और आवश्यक दस्तावेज अनिवार्य होते हैं लेकिन इसके बावजूद अब तक दर्ज एफआईआर में किसी भी समिति प्रबंधक का नाम शामिल नहीं किया गया है।

मामले में वर्तमान शाखा प्रबंधक की शिकायत पर दर्ज प्राथमिकी में बताया गया है कि तत्कालीन डीआर वाघमारे, लेखाधिकारी मीनाक्षी मांझी और लिपिक आशीष पटेल के निजी बैंक आईडी और पासवर्ड का उपयोग कर बड़ी संख्या में संदिग्ध लेन-देन किए गए। इसके अलावा बैंक के पांच अन्य कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई, जिनके खिलाफ अलग-अलग धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है।

इधर, कलेक्टर संजय कन्नौजे ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पहले ही एक विशेष जांच दल का गठन किया जा चुका है। फिलहाल जांच प्रक्रिया प्रचलित है, इसलिए वर्तमान स्थिति पर कोई अंतिम टिप्पणी करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि इस विषय में सहकारिता विभाग से विस्तृत जानकारी ली जा सकती है।

गौरतलब है कि ईओडब्ल्यू जांच शुरू होने के बाद अब इस प्रकरण में अन्य जिम्मेदारों की भूमिका भी जांच के दायरे में आने की संभावना जताई जा रही है।

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