अमरोहा, नवंबर 11 -- राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लाल किले के पास सोमवार को हुए विस्फोट में जान गंवाने वाले अमरोहा के डीटीसी कर्मी अशोक कुमार गुर्जर को मौत खींचकर ले गई। विस्फोट में मरने वालों में दो लोग उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के हैं।
हसनपुर क्षेत्र के गांव मंगरौला निवासी डीटीसी कर्मी अशोक कुमार गुर्जर और लोकेश कुमार अग्रवाल के शव मंगलवार सुबह को हसनपुर पहुंचने पर जिले भर के लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा।
पुलिस सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि दिल्ली बम धमाके में मृतकों में शामिल अशोक कुमार गुर्जर (34)हसनपुर तहसील क्षेत्र के गांव मंगरौला के निवासी थे।वह दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) में परिचालक के पद पर तैनात थे, उन्हें हसनपुर निवासी कारोबारी लोकेश कुमार अग्रवाल (58) खाद वालों ने फोन कर सर गंगाराम अस्पताल चलने के लिए बुलाया था। सोमवार देर रात हसनपुर थाना पुलिस द्वारा पीड़ित परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गई थी।
दोनों शवों के आज सुबह हसनपुर पहुंचने पर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा।अशोक कुमार गुर्जर का शव गांव मंगरौला पहुंचने पर इकठ्ठा भीड़ तथा पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में किसान नेता दिग्विजय भाटी द्वारा कश्मीर की पुलवामा आतंकी घटना का हवाला देते हुए दिल्ली बम धमाके में जान गवाने वाले निर्दोषों के मृतकों के आश्रितों को भी तीस लाख रुपये मुआवजे और मृतकों को शहीद का दर्जा दिए जाने की केंद्र व राज्य सरकार से मांग की गई है।
जिला पंचायत सदस्य पति पिंटू भाटी ने बताया कि मृतक अशोक कुमार गुर्जर के परिवार के पास कुल पांच बीघा ज़मीन है। जैसे तैसे परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी उठाने वाले अशोक कुमार की मौत हो जाने से परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है। ऐसे में सरकार को पीड़ित परिवार की मदद के लिए आगे आना चाहिए।
मंगलवार को उपजिलाधिकारी (एसडीएम) हसनपुर पुष्कर नाथ चौधरी तथा पुलिस क्षेत्राधिकारी हसनपुर दीप कुमार पंत ने गांव मंगरौला पहुंच कर दस लाख रुपये मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से तथा मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना योजना के तहत पांच लाख रुपये मृतक आश्रित परिजनों के हक़ में संस्तुति उत्तर प्रदेश सरकार से किए जाने का आश्वासन देकर लोगों को शांत किया।
शिक्षक नेता यशपाल सिंह ने बताया कि उनके रहरा अड्डा हसनपुर निवासी पड़ोसी लोकेश अग्रवाल खाद वाले अपने समधी राजेश अग्रवाल से वार्ता के बाद सर गंगाराम अस्पताल दिल्ली में भर्ती समधन का हालचाल जानने सोमवार को दिल्ली लाल किला मेट्रो स्टेशन पर पहुंचे थे। लोकेश अग्रवाल ने डीटीसी कर्मी अशोक कुमार गुर्जर के घर फोन कर लाल किला मेट्रो स्टेशन पर बुलाया था। इसी दौरान सोमवार शाम 6.52 बजे मेट्रो स्टेशन के समीप जबरदस्त विस्फोट हुआ जिससे अमरोहा जिले के निवासी डीटीसी कर्मचारी अशोक कुमार गुर्जर और लोकेश अग्रवाल की मौत हो गई।
गांव मंगरौला निवासी सीमांत किसान जगवंश सिंह गुर्जर के परिवार में पत्नी सोमवती के अलावा दो बेटे सुभाष गुर्जर व अशोक कुमार गुर्जर और दो बेटी हैं। बड़े बेटे गांव में ही मजदूरी करते हैं जबकि अशोक कुमार गुर्जर तीन साल पहले दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) में परिचालक के पद पर भर्ती हुए थे। दिल्ली में नौकरी लगने से पूर्व अशोक कुमार गुर्जर(34) हसनपुर निवासी लोकेश अग्रवाल खाद वाले के यहां नौकरी करते थे। अशोक कुमार गुर्जर अपनी पत्नी सोनम, बेटी आरोही(08) तथा काव्या(05) व बेटे आरव (03) के साथ दिल्ली के संगम विहार के यमुना नदी तटवर्ती गांव जगतपुर गांव में किराए के मकान में रहते थे। दीपावली पर वह परिवार के साथ गांव आए थे।
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