नैनीताल , मार्च 24 -- उत्तराखंड प्रशासन ने बनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण प्रकरण में उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में चल रहे सर्वे और पुनर्वास कार्यों में तेजी लाए जाने के निर्देश दिए हैं।
मंगलवार देर सायं नगर निगम सभागार में अपर जिलाधिकारी विवेक राय की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए।
अपर जिलाधिकारी ने बताया कि सर्वे और पुनर्वास कार्य के लिए छह टीमों का गठन किया गया है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी टीमें कैंपों के माध्यम से अधिक से अधिक प्रभावित परिवारों तक पहुंचना सुनिश्चित करें, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति योजना से वंचित न रहे।
उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र परिवारों से आवेदन आमंत्रित करने और आवेदन भरने में सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। प्रशासन, रेलवे और अन्य विभागों की संयुक्त टीमों को घर-घर जाकर लोगों तक योजना का लाभ पहुंचाने को प्राथमिकता दी गई है।
बैठक में 31 मार्च 2026 तक सर्वे और पुनर्वास से जुड़े सभी कार्य पूर्ण कर रिपोर्ट उच्चतम न्यायालय में प्रस्तुत करने का लक्ष्य तय किया गया। 20 से 31 मार्च तक आयोजित कैंपों की प्रगति रिपोर्ट भी इसी अवधि में तैयार की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एसपी सिटी मनोज कत्याल ने बताया कि प्रत्येक कैंप में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के साथ महिला पुलिसकर्मियों और अतिरिक्त फोर्स की तैनाती की जाएगी ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।
प्रशासन द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के आवेदन पत्रों का घर-घर वितरण शुरू कर दिया गया है, साथ ही कैंपों में भी पर्याप्त फॉर्म उपलब्ध कराए जा रहे हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश भी दिए गए हैं।
अपर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
बैठक में एसपी सिटी, सिटी मजिस्ट्रेट ए.पी. वाजपेयी, नगर आयुक्त परितोष वर्मा, उपजिलाधिकारी प्रमोद कुमार, तहसीलदार कुलदीप पांडे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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