नैनीताल , जनवरी 10 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने प्रसिद्ध बदरीनाथ और केदारनाथ धामों में वर्ष 2012 से 2017 के बीच हुई कथित अवैध नियुक्तियों और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। शनिवार को हुई सुनवाई के दौरान न्यायालय ने सरकार से पूछा कि जांच में पुष्टि होने के बावजूद दोषियों के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की गई है।
ऋषिकेश निवासी अमित कुमार शर्मा द्वारा दायर जनहित याचिका में आरोप लगाया गया है कि मंदिर समिति के पूर्व अध्यक्ष और कांग्रेस नेता गणेश गोदियाल के कार्यकाल के दौरान बड़े पैमाने पर गड़बड़ियाँ हुई थीं।
याचिका के अनुसार, मंदिर समिति के अधिनियमों का उल्लंघन करते हुए मानक प्रक्रियाओं को ताक पर रखकर नियुक्तियां की गईं और उन पदों पर भी लोग भर्ती किए गए जिनका कोई अस्तित्व ही नहीं था। इसके अलावा मंदिर के दान और धन के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया गया है, जिससे मंदिर समिति पर भारी वित्तीय बोझ पड़ा।
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